करोडो खर्च फिर भी नही बुझी प्यास

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रायबरेली/ऊंचाहार (ब्यूरो)- ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत करोडो रूपये खर्च करके ग्रामीणों को शुध्द पेयजल सुलभ कराने की सरकारी योजना धरातल पर ध्वस्त नजर आ रही है। भारी भरकम रकम खर्च करके बनाई गई आधा दर्जन पानी की टंकियां विभागीय उदासीनता के चलते बेकार पडी हुई हैं। ऊँचाहार क्षेत्र मे अस्सी एवं नब्बे दसक के दौरान करीब आधा दर्जन पानी की टंकियों का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों मे कराया गया था।

ग्रामीण परयजल योजना के तहत इन टंकियों के निर्माण मे करोडो रूपये व्यय किये गये थे। यह टंकियां क्षेत्र के ऊँचाहार देहात कंदरांवां प्रथम कंदरांवां सेकेण्ड खरौली पूरे कुल और गनपी मे बनाई गई थी इनमे से सारी टंकियां इस समय ध्वस्त हैं। कंदरांवां प्रथम पानी की टंकी तो करीब दस साल से बंद पडी है। पानी की टंकियों के निर्माण के समय आस पास के गांवों मे बिछाई गई जलापूर्ति की लाइन के निर्माण मे गुणवत्ता की इस प्रकार से अनदेखी की गई कि निर्माण के साथ ही लाइनें ध्वस्त होती गई।

गनपी गांव स्थित पानी की टंकी से रामसांडा पुरनसाह पुरईवरदासपुर किसुनदासपुर दौलतपुर पनवारी नजनपुर कोटियाचित्रा बटौआपुर पूरे रामबक्स सहित करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों में जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाई गई थी लेकिन कई गांवों मे एक महीने के अन्दर ही ये पाइपलाइन ध्वस्त हो गई और आज तक गांवों मे पानी नही पहुंच पाया है।

घटते जलस्तर के कारण आया व्यवधान- पानी की टंकियों के ध्वस्त होने मे जहां एक ओर विभागीय उदासीनता कारण है तो वहीं दूसरी ओर घटता जलस्तर भी इसका प्रमुख कारण बना हुआ है। गंगा के कटरी क्षेत्र मे स्थित पानी की टंकियां कंदरांवां प्रथम कंदरावां सेकेण्ड और पूरे कुल स्थित पानी की टंकी केवल इसलिए काम नही कर पा रही क्योंकि करीब तीन चार दसक पहले बनाई गई पानी की टंकियों का बोर बेकार हो गया है।

इन स्थानों पर जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि उस समय किया गया बोर अब काम नही कर रहा है। ये हैं कमियां 1-ऊँचाहार देहात-टाप डोम मे खराबी 2-कंदरांवां प्रथम-रिबोर 3-कंदरांवां सेकेण्ड-जलस्तर का नीचे होना 4-गनपी-रिबोर 5-खरौली-रिबोर 6-पूरे कुल-रिबोर कहते है जिम्मेदार जलनिगम के अवर अभियंता पीके पाण्डेय का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों से यथा संभव जलापूर्ति का प्रयास किया जाता है। खरौली और गनपी की टंकी का रिबोर हो चुका है इसमे शीघ्र ही जलापूर्ति शुरू हो जायेगी।

रिपोर्ट-अनुज मौर्य/सर्वेश⁠⁠

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