पुलिस की मिली भगत से वन माफिया चला रहे आरा

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खीरो/रायबरेली (ब्यूरो) सूबे में जंहा सियासी बदलाव के कई माह हो गए है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सी सँभालने के बाद प्रदेश की ब्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी विभागों के अधिकारियो के पेंच कसे वही कुछ विभाग के कर्मचारियों पर सरकार की सख्ती का कोई असर नही हुआ।

सूबे की योगी सरकार जहां कुर्सी संभालने के बाद एलान किया था कि प्रदेश में किसी भी तरीके का अवैध काम नहीं किया जाएगा नहीं तो इसके जिम्मेदार लोगो पर कार्यवाही की जायेगी।लेकिन शायद वन विभाग के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री की यह बात समझ में नहीं आई जिसका नतीजा यह है कि आज भी थाना क्षेत्र खीरो में कई महीनों से अलग-अलग जगहों पर अवैध कटान की शिकायतें मिलती रही हैं। शनिवार को ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला थाना क्षेत्र के पुलिस चैकी लल्ला खेड़ा के अंतर्गत आने वाले बेहटा सातनपुर और लंगड़ा खेड़ा गांव के मध्य रायबरेली के एक बड़े ठेकेदार द्वारा सड़क से बमुश्किल 50 मीटर के दूरी में भारी भरकम हरा महुआ का पेड़ काटा जा रहा था। हद तो तब हो गई कि जब घटनास्थल से पुलिस चैकी की दूरी बमुश्किल आधा किलोमीटर होगी लेकिन रिश्वत का चश्मा लगाए पुलिस विभाग के कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री के आदेशों का असर उस चश्मे से नहीं दिखाई पड़ा। इस घटना की जानकारी वनक्षेत्राधिकारी सदर डीके सिंह को जब दी गई तो उन्होंने तत्काल कर्मचारी को भेज कर जुर्माना कर अन्य विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिये।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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