दबंग ने किया दलित बालिका से जबरन दुराचार

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पुरवा/उन्नाव : दबंग ने किया दलित बालिका से जबरन दुराचार मामला थाने पहुंचने पर बिचैलियों के द्वारा ली प्रशासन की मद्द जहां बिचैलियों के द्वारा दबाव बस ब्लात्कार जैसी घटना सुलह समझौता कराकर चलता कर दिया गया। अशिक्षित मां बेटी ने समझा की हमारी रिपोर्ट लिख गयी जब लोगो से जानकारी की तो पता चलाकि यह तो सुलह समझौता का कागज है जहां पीड़िता परिजनो संग पहुंची पुलिस कप्तान की चैखट पर और लगाई न्याय की गुहार जहां पुलिस अधीक्षक ने मामले को गम्भीरता से लेते हुये कोतवाली पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने का दिया आदेश। जहां कोतवाली पुलिस ने जबरन मार-पीट कर दुष्कर्म करने व जाति सूचक शब्दो से गालियां देकर जान से मार डालने की धमकी सहित दलित उत्पीड़न का अभियोग दर्ज किया है।

प्राप्त विवरण के अनुसार मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव मझखोरिया निकट मंगतखेड़ा से सम्बन्धित है जहां 27 नवम्बर 2018 को एक दलित किशोरी अपने खेतो में बकरियां चरा रही थी किशोरी के अनुसार पास में गांव के अन्य छोटे बच्चे भी बकरियां चरा रहे थे उसी दौरान गांव का दबंग लाला अवस्थी पुत्र बच्चा अवस्थी आया और किशोरी से कहने लगा कि तुमने हमको क्यों बुलाया बालिका ने कहा हमने आपको नही अपनी भाभी को आवाज दी थी और वह उठकर जैसे ही अपनी बकरियां खेदने गयी तो पीछे से उक्त हैवान युवक ने पीछे से जाकर दलित किशोरी का मुंह अपने हाथ से दबाकर पास के जंगली बबूल के जंगल में घसीट ले गया और दो तीन थप्पड़ मारा और मुुंह में कपड़ा ढूस कर उसके साथ जबरन अपना मुंह काला किया और बाद में जाति सूचक शब्दों से गालियां बकते हुये कहा साली चमारिन अगर अपने घर में या किसी को बताया तो तेरे साथ तेरी मां व भाई को भी जान से मार डालेेंगे |

पीड़िता ने घर पहुंचकर मां के वापस आने पर घटना के बारे में पूरी बात बताई जहां पीड़िता की मां व पीड़िता 28 नवम्बर 2018 को कोतवाली पहुंची और लिखित शिकायती-पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई जहां दबंग नेे कुछ विचैलियों के सहारे कोतवाली पुलिस पर दबाव बनाकर सुलह समझौता लिखवा दिया पीड़िता के अनुसार मैं पढ़ी लिखी नही हूँ मुझसे एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया और साथ ही पीड़िता को झूठा अश्वासन दिया गया की आरोपी के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जायेगी। किन्तु एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जब आरोपी के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही हुई तो उसने मामले की जानकारी कीे तो उसे पता चला कि सुलहनामा तो लिखा जा चुका है तो कार्यवाही किस बात की इस जानकारी से आहत होकर पीड़िता व उसके परिजनो ने न्याय की आस लगाकर पुलिस अधीक्षक की चैखट पर दस्तक दी और पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार से आप बीती बताते हुये बताया कि उसके साथ धोखाधड़ी करके फर्जी सुलहनामा लिखाया गया जबकि वह न्याय चाहती है जहां पुलिस अधीक्षक ने मामले को गम्भीरता से लेते हुये कोतवाली पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने का फरमान जारी किया जहां कोतवाली पुलिस ने संगत धारा में अभियोग दर्ज कर 161 क ब्यान दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल परिक्षण हेतु जिला अस्पताल भेजा है।

अब यहां यह कहना गलत नही कीे सूबे की योगी सरकार जहां एक और रामराज्य स्थापित होने का दम्भ भर रही है तो वही दूसरी और दबंग किस्म के अपराधी खुलेआम किशोरियों की इज्जत तार तार कर रहे है उक्त घटना से तो यही सिद्ध होता है कि राम राज्य की परिकल्पना तो मात्र दिखाता है सरकारी तन्त्र पूरी तरह दंबगो की कठ पुतली बना हुआ है।

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