डग्गामार वाहन चालकों पर क्यों मेहरबान रहता है प्रशासन

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रायबरेली (ब्यूरो)- डग्गामार वाहन चालकों एवं मालिकों पर प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है कोई भी कार्यवाही यहाँ पर प्रशासन द्वारा सवारियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है | डग्गामार वाहन चालक सरकार को करोड़ों रूपयें के राजस्व का चूना लगा रहे है | डग्गामार वाहन चालक रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही एक बार फिर से जिले की सड़कों पर डग्गामार वाहनों की भरमार हो गई है। जिले की जिस सड़क पर नजर डालों वही आपकों डग्गामार वाहन दिखाई पड़ जायेगे।

यहीं नहीं यह डग्गामार वाहन चालक अपने वाहन में सवारियों को भूसें की तरह भरते है, फिर चाहे उसमें लेडीज सवारियां हो या फिर जेंस सवारियां हो। उनकों सिर्फ और सिर्फ परसो से काम है। डग्गामार वाहनों में सबसे ज्यादा दिखने वाली जो गाडियां है वह है मैजिक, अटो, टैम्पो विक्रम, सिटी राइट बस, इन सभी वाहनों में मानक को ताक पर रख कर सवारियां भरी जाती है। वहीं लोगों की मानो तो जो डग्गामार वाहन चालक या वाहन के मालिक होते है वह रोड़ पर चलने से पहले ही शासन और प्रषासन से सांठ-गांठ कर लेते है। फिर सड़क पर उतरते है इस लिए इन पर कोई भी विभागीय अधिकारी या फिर पुलिस वाले कार्यवाही नहीं करते है, क्यो कि यह लोग डग्गामार एचबी वाहन चालकों से महीने का बधा हुआ परकेज पाते है।

उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है कि डग्गामार वाहन चालकों से अवैध वसूली की जाती है त्योहार आते ही यह डग्गामार वाहन चालक पूरी तरह से सक्रिय हो जाते है। यह डग्गामार वाहन चालक सरकार का करोड़ो रूपयें के राजस्व का भी नुकसान करते है। जिस पर किसी भी विभागीय अधिकारी व जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ती है, डग्गामार वाहन चालक एक वर्ष मे लगभग चार करोड का चूना परिवाहन विभाग को लगा रहे है | फिर भी न एआरटीओ को कोई चिंता है और न ही पुलिस को कोई मतलब है इसीलिए रोड मे पर्याप्त सरकारी बसे चलने के बाद भी डग्गामार वाहनो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जाती है।

नाम न छापने की शर्त पर सलोन रोड़ पर गाडी चालने वाले मैजिक चालक ने बताया कि भदोखर थाने में हम महीना देते है तभी हमारी मैजिक रोड़ पर दौड़ती है नही तो यह के सिपाही, एवं हवलदार गाडी रोकवा लेते है। यहीं हाल कोतवाली के अन्तरगत सहर अमावां रोड वा राही फुरसतगंज रोड का भी है।जो मैजिक रोड़ पर चलती है। वाहन चालकों ने बताया कि क्या करें रोड़ पर चलना है तो उनकी दिशा निर्देश पर ही चलना पड़ता है यही नहीं इन डग्गामार वाहनों का न तो गाड़ी का कोई फिटनेस होता है अैर न ही गाड़ी के पूरे कागज होते है।

अगर जिले में कभी आरटीओ द्वारा चेंकिग की जाती है तो यह डग्गामार वाहन चालक दाहिने बाए से निकले की कोशिश करते हुए नजर आते है। जिले के सभी रोडों पर डग्गामार वाहनों की भरमार है। मैजिक तथा टैम्पू चलकों द्वारा खुलेआम ओवरलोड सवारियों को बैठाया जा रहा है। जिले में तैनात ट्रैफिक पुलिस इससे अंजान बनी हुयी है। वही आये दिन कही न कही दुर्घटनाएं होती रहती है। दुघर्टना से कोई भी वास्ता न रखतें हुये सवारियो को टैम्पू चालकों एवं मैजिक चालकों द्वारा खुले आम सवारियों को लटकाया जाता है।

जान जोखिम में डालकर सवारियां भी सफर करने को मजबूर होती है। रायबरेली की कुछ खास सड़कों पर जब नजर दौडाई गई तो सवारियों ने बताया कि इन डग्गामार वाहन चालकों द्वारा ज्यादा परसे वसूले जाते है, अगर विरोध करो तो यह बीच रास्ते में उतारने की धमकिया भी देने लगते है। फिर मजबूरी में उनकों उनके मुताबिक परसा देने पड़ता है। लोगों ने बताया कि रोड़वेज बस वाले लोकल की सवारियां नहीं बैठाते है।

इस लिए मजबूरी में डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है। जिसका यह डग्गामार वाहन चालक बाखूबी फायदा उठाते है। क्या कहते है जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को लेकर जब एआरटीओ संजय तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम तो समय समय पर चेकिंग अभियान चलाकर डग्गामार वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही करते रहते है। लेकिन पूरी तरह से इन डग्गामार वाहन चालकों पर एक साथ कार्यवाही नहीं कर सकते है। लोकल पुलिस एवं थाने के हस्तक्षेप से कुछ हद तक इन डग्गामार वाहन चालकों पर लगाम लगाया जा सकता है। एआरटीओं संजय तिवारी वहीं दूसरी तरफ माने तो सिटी बस जो अस्पताल चौराहे के पास से जायस को जाती है  मालिकों का तो गाड़ियों को चलने नहीं दिया जाता है।

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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