डग्गामार वाहन दे रहे प्रसाशन को खुली चिनौती

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कबरई, महोबा(ब्यूरो)- कबरई मे सैकड़ों व्यक्ति का उटिंया,बघारी,महेवा,गहरा आदि गांवो से आवागमन बना रहता है किसी प्रकार से उन्हें अपने गांव से बाहर जाने के लिऐ साधन चाहिए होता है जो की कुछ डग्गामार वाहन ही है जिनमे वह आवागमन करते है| ऐसी मजबूर परिस्थिति को देखते हुऐ डग्गामार वाहन अपना कम समय मे ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर मे ग्रामीणो के जीवन से खुलेआम खिलवाड़ करते है |

अब ऐसी समस्या का जिम्मेदार कौन है ये शायद कोई अन्दाजा नहीं लगा पा रहा जो की आवागमन भी मेन समस्या है गांवो की। अब कह सकते है की इसके जिम्मेदार सरकार भी है या प्रधान,सांसद,विधायक और उसी सरकार से जुडे ये गांवो के द्वारा जीते नेता जो इस समय अपने आप मे ही मग्न है कहां क्या समस्या है कहां किस चीज की जरुरत है |

इन्हें कोई मतलब नहीं बस वोट चाहना होता है तो दुनिया भर के वादो से लोगो को ढक देंगे और इन्ही गांवो के लोगो के सामने हाथ जोडकर खडे हो जाते है और जब जीत जाते है तो ठुकरा कर इन्ही ग्रामीण लोगो को भूल जाते है गांवो की ज्यादातर समस्या कच्ची सडक और उस पर चल रहे ये साधन जो की दुर्घटना का खुलकर स्वागत कर रहे है।

डग्गामार खुलेआम उडा रहे कानून की धज्जीयां

इनकी बहादुरी देखिऐ की किस तरह से बैठे अपना सफर कर रहे है और डग्गा चालक भी किस तरह इनको बिठाकर सफर करवा रहा है। और ग्रामीण भी क्या करे इसके अलावा और कोई साधन की पुक्ता व्यवस्था भी तो नहीं है। और अगर होती भी तो यह डग्गामार वाहन इस तरह से सवारी लाते क्या! या फिर ये लोग इस तरह अपनी ज़िन्दगी से खिलवाड़ कर आते क्या?

आप तो देख ही रहे होगे और कुछ इससे ज्यादा जाहिर करने की जरुरत भी नहीं है, कि किस तरह यह डग्गामार वाहन कानून की धज्जीयां उडा रहे है। इन्हें न सरकार का भय है और न ही प्रसाशन का क्योंकि कार्यवाही तो होनी ही नहीं है और ना ही होती है।

ऐसा महसूस होता है की जैसे प्रसाशन की आंख बन्द है या फिर वह नींद मे है क्योंकि डग्गामारो का यह सिलसिला काफी समय से चल रहा है। और इसलिए इन डग्गामार वाहनो के हौसले बुलंद है।

रिपोर्ट-प्रदीप मिश्रा

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