डग्गेमारी के नाम पर चल रहे वाहनों का पुलिस विभाग कर रहा है शोषण

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मैनपुरी (ब्यूरो)- डग्गेमारी के नाम पर जहाँ अपने मार्ग पर चलने वाली बसों और उनके स्वामियों का पुलिस विभाग उत्पीड़न करने में लगा है वहीं विभिन्न मार्गों पर बिना अनुमति पत्र लिये सैकड़ों की संख्या में डग्गेमार छोटे वाहन पुलिस की मिलीभगत से यात्रियों का उत्पीड़न करने में लगे हैं।  इस सम्बन्ध में गुरूवार को इटावा-मैनपुरी पर चलने वाली बसों के स्वामी और कर्मचारी जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी से मिलने कचहरी पहुॅचे थे।

प्रदेश में बेहताशा हो रही डग्गेमारी और तेज गति से दौड़ते वाहनों से हुई-कई मार्ग दुर्घटनाओं के बाद जागी पुलिस ने जहाँ विभिन्न राजमार्गों पर परिवहन विभाग से परमिट लेकर चलने वाली बसों के स्वामियों और चालक-परिचालकों को थर्ड डिग्री से परेशान करते हुए जहाँ उनके वाहन वैध परिपत्र होते हुए भी थानों में खड़े करा दिये थे जिन्हें एक माह बाद न्यायालय के आदेश से वाहन स्वामी निकाल सके हैं।  डग्गेमारी रोकने की कसम खा चुकी कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी बसों की कथित डग्गेमारी पर अंकुश लगाकर मारूति कारों, जीपों और मैजिकांे से महीना बांध डग्गेमारी कराने में लगे हैं।  

इस सम्बन्ध में गुरूवार को इटावा-मैनपुरी मार्ग पर चलने वाली राज्य अनुज्ञा प्राप्त बसों के चालक-परिचालक और स्वामियों ने जिलाधिकारी चन्द्रपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी ए0के0 श्रीवास्तव, परिवहन अधिकारी से अलग-अलग मुलाकात कर डग्गेमारी की आड़ में किये जा रहे उत्पीड़न की शिकायत करते हुए कहा कि एक तरफ पुलिस बसों की उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग से परिपत्र होने के बाद भी उन्हें डग्गेमारी की श्रेणी में खड़ा कर उनकी बसों को सीज कर रही है ओर उसी प्रकार के परमिटों पर चलने वाली मैजिकों, छोटा हाथी, मारूति और जीपों से खुले आम डग्गेमारी हो रही है।  सीमा से अधिक सवारी विठायी जा रही है।  उन पर कार्यवाही करने के नाम पर पुलिस उनसे हर महीने बसूली कर संरक्षण दिये हुए है।  बस मालिकों ने जिलाधिकारी से इटावा-मैनपुरी मार्ग पर वैध परिपत्रों से चलने वाली बसों को पुनः चलवाए जाने की गुहार की है।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा

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