पिता की जान बचाने में बेटियों ने भी गवाई जान

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मध्य प्रदेश के बैतूल में फसल को पानी देते हुए पिता कुएं में गिर गए लेकिन उसके पास ही में बेटियां खड़ी थीं। उन्हें बचाने के लिए पहले एक ने छलांग लगाई, फिर दूसरी ने और तीनों की जान चली गई।

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प्रियंका और टीना नाम की यह लड़कियां उस रोज आम दिनों की तरह खेतों में अपने पिता की मदद कर रही थीं। पिता रामनाथ टमाटर के पौधों की सिंचाई कर रहे थे कि अचानक पैर फिसला और कुएं में गिर गए। बड़ी बेटी टीना ने देखा तो एक पल की भी देर नहीं की। अपने पिता को बचाने के लिए फौरन कुएं में छलांग लगा दी। उसने ये भी नहीं सोचा कि उसे तो तैरना भी नहीं आता है। छोटी बेटी प्रियंका थोड़ी दूर थी, दौड़कर कुएं के पास पहुंची तो देखा कि पिता और बड़ी बहन पानी से बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहे थे लेकिन बिना डरे या चेहरे पर शिकन लाए वो भी कुएं में कूद पड़ी।

बैतूल जिले के मुलताई थाना के चरुण गांव की बेटियों ने अपने पिता को बचाने के लिए जान दे दी, उन बेटियों ने जिन्हें समाज का एक हिस्सा बराबरी के हक से बेदखल करना अपनी शान समझता है लेकिन अब गांव की हर गली में उनके कदमों के निशान हैं। हर किसी के मुंह से बस एक ही बात निकलती है, बेटियों ने जो किया है उसे भूल नहीं पाएंगे।

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