डीडीयूजीवी योजना चढ़ गयी भ्रष्टाचार की भेंट : आशीष

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रायबरेली (ब्यूरो)- उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) द्वारा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौपा गया। व्यापारी प्रतिनिधि मंडल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विधुतीकरण योजना की बदहाली से जिला प्रसाशन को अवगत कराया व योजना की बदहाली के कारणों की जांच की मांग के साथ ही जनहित में रोड़ा दोषी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध विधिपूर्वक कार्यवाही की मांग की।

प्रतिनिधि मंडल की अगवाई कर रहे व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष एवं कांग्रेसी नेता आशीष द्विवेदी ने बताया की दीनदयाल उपाध्याय विधुतिकरण योजना के अंतर्गत जनपद में सात बिजली घरों का निर्माण व सभी विधुत उपकेंद्रों के सृद्धणीकरण का काम होना है किन्तु विभागीय भ्रष्टाचार व कार्यदायी संस्था से अधिकारियों की मिलीभगत के कारण समयावधि पूर्ण होने के बाद भी योजना का लाभ आम जन मानस को नही मिल पा रहा है जबकि योजना को वर्ष भर पहले ही तैयार हो जाना चाहिए।

श्री द्विवेदी ने कहा की सरकार ने ग्रामीण अंचलों में 18 घंटे व तहसील मुख्यालय को 20 घंटे निर्बाध रूप से विधुत आपूर्ति प्रदान करने की मंशा से योजना को क्रियान्वित किया था किन्तु दीनदयाल उपाध्याय विधुतीकरण योजना (डीडीयूजीवीवाई) चढ़ गयी भ्रष्टाचार की भेंट। उन्होंने कहा की सात नये उपकेंद्रों का कार्य समयावधि पूर्ण होने के उपरान्त भी समाप्त न होना घोर लापरवाही का परिणाम है। सरकार द्वारा जनहित में उठाये गए कदम पर हो रहा कुठाराघात जिसके लिए कार्यदायी संस्था व विभागीय अधिकारी हैं दोषी।

उपाध्यक्ष मुशर्रफ खान व अमनदीप बग्गा ने कहा की लगभग एक पखवारे से ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई चल रही है जिससे वितरण प्रणाली पर भार बढ़ गया है। यदि निर्धारित समयावधि के अंदर सातों 33-11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण हो गया होता तो किसानों को असुविधा न हो रही होती। साथ ही सरकार की मंशा के अनुरूप देहात को 18 घंटे व तहसीलों को 20 घंटे विधुत आपूर्ति हो रही होती। इस अवसर पर संरक्षक राजेंद्र बाजपेयी, आरसी त्रिवेदी, जिलामहामंत्री जीतेन्द्र सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष सतीश वर्मा, अजीत प्रताप सिंह, गुड्डू बाजपेयी, मो. ताहिर, आदि उपस्थित रहे

रिपोर्ट- अनुज मौर्य 

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