पशुओं में घातक बीमारी फूट एंड माउथ डिजीज [FMD]: सपन कुमार शुक्ला

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जौनपुर(ब्यूरो)- फुट एंड माउथ डिजीज यह अत्यंत संक्रामक एवं घातक विषाणु जनित रोग है। यह गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर आदि पालतू पशुओं एवं हिरन आदि जंगली पशुओं में होता है| यह रोग पशुओं को बहुत ही छोटे [ विषाणु ] वायरस जनित रोग द्वारा होता है। जो आंखो से दिखाई नहीं पड़ता यह किसी भी मौसम में हो सकता है| इसका कोई निश्चित समय नहीं होता और एक गांव से दूसरे गांव में फैलता चला जाता है| इस रोग में पशुओं की भारी संख्या में मौत भी हो जाती है । इस रोग में पशुओं को तेज बुखार, बीमार पशु के मुह में मसुडों में जीभ के उपर नीचे ओठ के अन्दर व पशु के पैर के खुरो में छोटे-छोटे दाने पङ् जाते है, जो बाद में छाले का रुप ले लेते है| बाद में आपस में रगड़ कर फूट जाते है और सफाई न होने पर उनमें कीड़े पड़ जाते है। इसमें पशु जुगाली करना बन्द कर देता है। मुंह से लार गिरती रहती है। खाना पिना छोड़ देता है। परन्तु इलाज के अभाव में कभी- कभी पशु दम तोड़ देते है।

यह विषाणु जानित बिमारी है जो फटे खुर [CLOVER FOOTED ] वाले पशुओं को होता है। इसमें गर्भस्त पशु का गर्भपात भी हो सकता है। इस रोग की चपेट में आने पर पशु सूख जाते हैं और उनका दूध भी कम हो जाता है। इस रोग में पशुओं का इलाज से बेहतर बचाव है जिसमें छः माह से उपर के स्वस्थ पशुओं को खूरपका मुहपका का टीका करण करवाना चाहिए इसके उपरान्त – आठ माह के बाद टिकाकरण करवाते रहना चाहिए । यह टीका पशुओ को पशु पालन विभाग के द्वारा नि:शुल्क लगवाया जा रहा है व पशु पालकों को चाहिए कि वे अपने पशु को ऍफ़ एम् डी का टिका अवश्य लगवाये और अपने क्षेत्र को खुरपका मुहपका रोग से बचाए। बहुत से लोग अन्धविस्वाश में रोग हो जाने पर झाड़ फुक के चक्कर में पड़ जाते है और उनको अपने पशु से भी हाथ धोना पड़ता है। उनको चाहिए कि समय से नजदीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करे और अपने पशुओं को सुरक्षित करें। रोग हो जाने पर डॉक्टर केन कुशवाहा के अनुसार पशुओं के घाव को फिटकरी के पानी से धो देना चाहिए और उनके घाव को साफ करके रखना चाहिए और अपने नजदीकी पशु डॉक्टर को बुलाकर उसका उचित इलाज करवाना चाहिए डॉ. अजय यादव के अनुसार पशु के पैरों में जो घाव हो जाते हैं। उनमें कीड़े पड़ने पर उसमें फिनायल डालते रहना चाहिए। जिससे कीड़े मर जाएं और उनको बुखार में बुखार की दवा वह भूख की दवा देते हुए पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार उसका उचित इलाज जब तक कि पशु ठीक ना हो जाए करवाते रहना चाहिए।

वही डॉक्टर ऋचा राय के अनुसार विषाणु जनित रोग खुर पका मुह पका में फंसे जानवर को स्वस्थ पशुओं से उसको दूर रखना चाहिए व उसकी जो लार गिर रही हो या घाव से मवाद आ रही हो उसको साफ करके कहीं मिट्टी में दबा देना चाहिए और जहां पशु बधा हो वहां पर जमीन में पुआल या राख से उसको दबा देना चाहिए जिससे यह रोग दूसरे पशु को ना हो ।

भारत सरकार के द्वारा संचालित खुरपका मुह पका टीकाकरण၊၊၊၊၊၊၊? केराकत [जौनपुर] मैं इस समय पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज य FM D का टीका पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा लगवाया जा रहा है ।जिसमें किराकत के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर के० एन० कुशवाहा देवकली के पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अजय यादव व मुफ्तीगंज से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रिचा राय के नेतृत्व में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों व पैरावेट और पशु मित्रों के सहयोग से पशुओं को फूट एंड माउथ डिजीज का टीका लगवाया जा रहा है ।जिसमें पशुपालकों से डॉक्टर साहब ने अनुरोध किया है कि वे अपने पशुओं को यह टीका लगवा कर इस रोग से अपने क्षेत्र को मुक्त करें और इस कार्य में कर्मर्चारियों का सहयोग करें व खुद भी अपने पशुओं को टीका लगवाएं और अपने इष्ट मित्रों को भी पशुओं को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें जिससे कि पशुपालन विभाग का यह अभियान सफल हो इस अभियान में लगे पशुपालन विभाग के कर्मचारियों में फार्मासिस्ट उमेश सिंह, योगेंद्र राम ,सुनील कुमार यादव व पशुधन प्रसार अधिकारी थाना गद्दी गुलाब प्रसाद , अनुज यादव, और कर्मचारियो में गिरजा प्रसाद ,मो० इस्लाम, दिनानाथ तिवारी, जागेश्वर , पैरावेट में अजित राम ,सतपाल ,हेमन्त शुक्ला ,सुजित, महेन्द्र, अद्दु तानन्द, व पशुओं मित्रों ने अपना योगदान देकर इस कार्यक्रम को सफल बना रहे हैं।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय

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