अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही के चलते अधेड़ की मौत

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उन्नाव(ब्यूरो)- ट्रामा सेंटर में सार्ट सर्किट से आग ने कई मरीजों को जिंदगी की बजाय मौत दे दी| जिंदगी मौत की जंग में अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यूजीएमसी की दूसरे माले पर लगी भीसड़ आग ने जो भगदड़ मचाई, उसी का नतीजा है कि एक बेटी यतीम हो गई और एक गृहस्थी चलाने वाली महिला विधवा हो गई|

सूत्रो के हवाले से पता चला कि देवी प्रसाद ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन पर थे। आग लगने के बाद मची अफरा तफरी में अस्पताल प्रशासन ने मरीज का कोई ध्यान नही दिया, जिसके चलते दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल देवी प्रसाद की मौत हो गई| खेती किसानी का काम करने वाले देवी प्रसाद उर्फ़ देवी पण्डित घर के पास ही एक छोटी-सी परचून की दुकान भी थी। उनकी मौत के बाद पत्नी ऊषा का रो-रो कर बुरा हाल है| अब परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? एक बेटी दीप्ती है, उसके हाथ कैसे पीले होंगे? बाते सोच कर बार-बार बेहोस हो रही है।

रसूलाबाद पेट्रोल पम्प की तरफ जा रहे 50 वर्षीय अधेड़ को पिकअप ने टक्कर मार दी थी, जिसके परिणाम स्वरूप देवी प्रसाद पुत्र विशम्भर प्रसाद मोहल्ला अशोक नगर के घम्भीर चोटें आई थी। जिसे 108 एम्बुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र मियांगंज लेकर गयी, प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने देवी प्रसाद की हालत को नाजुक देखते हुए मियागंज से ट्रामा सेंटर लखनऊ को रिफर कर दिया गया था।

रिपोर्ट- जितेन्द्र गौड़ 

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