ब्रम्हाकुमारी ईश्वरी विश्वविधालय द्वारा शिव महिमा का किया गया बखान

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बाँगरमऊ (ब्यूरो)- ब्रम्हाकुमारी ईश्वरी विश्वविधालय द्वारा क्षेत्र के ग्राम माढापुर में आज सत्संग समारोह एवं राज योग शिविर का आयोजन किया गया। सत्संग में क्षेत्रीय शाखा संचालिका ब्र० कु० सरला बहन ने उपदेश दिया कि भगवान शिव ही सभी मानव के पिता है ।

सरला बहन ने भगवान शिव और शंकर देवता की अलग अलग व्यख्या की, दोनो में अन्तर समझाते हुए उन्होने कहा कि शंकर सूक्ष्म वतन के निवासी है। जब कि शिव का निवास परमधाम में है। भगवान शिव की रात्रि मनायी जाती है और रात्रि को परमात्मा के सभी बच्चे (मानव) उन्हे याद करते है। इसे शिव रात्रि कहा जाता है। जब कि शंकर रात्रि का कोई प्रावधान नही है। इसके अलावा भगवान शिव के मन्दिर को शिवालय कहा जाता है। लेकिन शंकरालय नाम का मन्दिर कोई नही है। उन्होने कहा कि शंकर शरीर धारी है और उन्होने मानव रूप में आकर भगवान शिव की अराधना की । जिससे शंकर को सूक्ष्म वतन में स्थान मिला । जब कि भगवान शिव निराकार है और परमधाम के वासी है। भगवान शिव धरती पर धर्म की स्थापना के लिए पवित्र मानव के तन में आते है।

सरला बहन ने शिविर में मौजूद करीब आधा सैकडो बहनो व भाईयो को योग शिखाया उन्होने योग का अर्थ भी बताया । कहा कि आत्मा को परमात्मा को जोड देने का कार्य ही योग है। शिविर में सफीपुर से पधारी पुष्पा बहन तथा बिलग्राम केन्द्र की संचालिका पूनम बहन ने भी आत्मा और परमात्मा पर प्रकाश डाला। शिविर में मोहन लाल शास्त्री महेश प्रसाद कनौजिया, रामसनेही, सरोज बहन, विधावती, निर्मलबाबू, कालीचरन व रमाशंकर आदि सहित सैकडो लोगो ने भाग लिया ।

रिपोर्ट- राम जी गुप्ता
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