दीप यज्ञ के साथ कथा का हुआ समापन, शान्ति कुन्ज हरिद्वार से आये थे संत

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सुजानगंज/जौनपुर (ब्यूरो)- पं0श्रीराम जी शर्मा ने कहा कि नारी सम्मान के महत्व को समझाते हूए कहा कि भगवान राम माता सीता की खोज रहे थे। तभी मा पार्वती सीताजी का रूप धारण कर भगवान रामजी के सामने आते ही भगवान रामचंद्रजी तुरंत माता पार्वती को पहचान जाते है। और हाथ जोड़कर प्रणाम कर, कुशलता पूछते हुए कहते है | हे माँ आप इस जंगल मे अकेली ही कैसे भ्रमण कर रही है। पिताजी कहा है। भगवान राम की बात से माँ पार्वती शर्मिन्दा हो जाती है।

यह बाते उन्होंने शनिवार की देर रात माँ गायत्री शक्ति पीठ नरहरपुर हीरालाल प्रजापति के आवास पर चल रहे प्रज्ञा पुराण, कथा के आखिरी दिन प्रवचन के दौरान कही।उन्होंने दीपयज्ञ की महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मात्र दीये का प्रकाश नही बल्कि जीवन ज्योति है।दीपयज्ञ सदज्ञान व समभाव तथा समाज को एक सूत्र मे बाधने मे संदेशवाहक है। दीप मालाओ से मंदिर एवं पंण्डाल परिसर गूँजमान हो गया। कथा के दौरान विशाल भण्डारे मे हजारो की संख्या मे भक्तिगण एव क्षेत्रीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर माँ गायत्री जी का आशीर्वाद लेते रहे। इस अवसर पर डा0 सुरेशचंद्र प्रजापति ,डा0रमेशचंद्र प्रजापति ,डा0गिरीशचंद्र ,रमेशचंद्र प्रजापति ,आदि लोग उपस्थिति रहे।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय 

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