रक्षा मंत्री ने कारवाड़ में आईएनएस वज्रकोष को राष्‍ट्र को समर्पित किया

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The Union Minister for Defence, Shri Manohar Parrikar addressing at the commissioning ceremony of the INS ‘Vajrakosh’, at Karwar, Karnataka on September 09, 2015.
The Union Minister for Defence, Shri Manohar Parrikar addressing at the commissioning ceremony of the INS ‘Vajrakosh’, at Karwar, Karnataka on September 09, 2015.

रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने आज कर्नाटक के कारवाड़ में आईएनएस वज्रकोष को राष्‍ट्र को समर्पित किया। यह भारतीय जल सेना का नवीनतम अधिष्‍ठान है।

निकट भविष्‍य में कारवाड़ पश्चिमी कमान के अंतर्गत भारतीय नौसेना का एक प्रमुख आधार बनने जा रहा है। योजना है कि इस स्‍थान पर महत्‍वपूर्ण नौसेना परिसंपत्तियों को तैनात किया जाए। कारवाड़ से गतिविधियां चलाने वाली नौसेना इकाइयों के लिए जरूरी है कि उन्‍हें विशिष्‍ट हथियारों और मिसाइलों से लैस किया जाए। इन संवेदनशील मिसाइलों और साजो-सामान के लिए आवश्‍यक है कि उनके भंडारण की विशेष सुविधा हो और विशिष्‍ट सेवाएं देने का स्‍थान बनाया जाए। आईएनएस वज्रकोष में ये सभी आवश्‍यक संरचनाएं मौजूद होंगी जिन्‍हें विशेषज्ञ अपनी निगरानी में रखेंगे ताकि सामरिक आवश्‍यकताओं को पूरा किया जा सके।

राष्‍ट्र को समर्पित करने के समारोह के दौरान दिनभर बारिश होती रही, जिसके बीच पारम्‍परिक नौसेना परेड आन-बान-शान के साथ पूर्ण की गई। कमांडिंग अफसर कैप्‍टन अरविन्‍द चारी ने कमीशनिंग वारंट पढ़ा और नौसेना ध्‍वजारोहण किया गया। इस बीच नौसेना बैंड ने राष्‍ट्रगान प्रस्‍तुत किया।

इस अवसर पर श्री पर्रिकर ने कहा कि भारत जैसे राष्‍ट्र के लिए यह आवश्‍यक है कि उसकी नौसेना मजबूत और आधुनिक हो। उन्‍होंने कहा कि भारतीय नौसेना राष्‍ट्रीय विकास और सामाजिक-आर्थिक वृद्धि के लिए शांतिपूर्ण, स्थिर तथा व्‍यवस्थित वातावरण कायम करने में सहायक होती है।

आईएनएस वज्रकोष को राष्‍ट्र को समर्पित करने के साथ ही एक जटिल और आधुनिक परियोजना कामयाबी के साथ पूरी हुई। मंत्री महोदय ने नौसेनिकों का आह्वान किया कि वे वज्रकोष की मिसाइलों को हमेशा तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर उनका संचालन सु‍निश्चित किया जा सके। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि हमारे राष्‍ट्र की समुद्री सुरक्षा समर्थ हाथों में है और हमारे प्रत्‍येक पोत, जहाज और नौसेना कर्मी राष्‍ट्र की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्‍पर हैं। उन्‍होंने कहा कि देश की दुश्‍मनों से सुरक्षा करने का दायित्‍व नौसेना कर्मियों के ऊपर है और हमारा यह दायित्‍व है कि हम सशस्‍त्र बलों के हितों की सुरक्षा करें।

इस अवसर पर नौसेना अध्‍यक्ष एडमिरल आर के धोवन ने कहा कि निकट भविष्‍य में कारवाड़ पश्चिमी कमान के अंतर्गत भारतीय नौसेना का एक प्रमुख आधार बनने जा रहा है। नौसेना के इस अधिष्‍ठान में कई महत्‍वपूर्ण नौसेना परिसंपत्तियां सेवा में लगी हैं या उन्‍हें इससे जोड़ा जा रहा है। भारतीय नौसेना के मौजूदा विस्‍तार के अंतर्गत पोतों, पनडुब्बियों और जहाजों की संख्‍या में वृद्धि हो रही है और उन्‍हें विशिष्‍ट हथियारों और मिसाइलों से लैस किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्‍होंने कहा कि इसे कायम रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की आवश्‍यकता है। नौसेना अध्‍यक्ष ने आईएनएस वज्रकोष के नौसेना कर्मियों को बधाई दी और उनका आह्वान किया कि वे अपने तकनीकी चुनौतियों से भरे दायित्‍वों को शानदार तरीके से पूरा करें।

आईएनएस वज्रकोष कारवाड़ में नौसेना का तीसरा अधिष्‍ठान है, जिसे राष्‍ट्र को समर्पित किए जाने के बाद भारतीय नौसेना की आक्रामक और सुरक्षात्‍मक क्षमताओं में बहुत इजाफा होगा।

श्री पर्रिकर ने सैंकड़ों एकड़ की भूमि में फैले विस्‍तृत परिसर का दौरा किया और उन्‍हें प्रस्‍तावित नौसेना वायु स्‍टेशन और आवासीय परिसर सहित भावी विस्‍तार योजनाओं की जानकारी दी गई।

उनके समक्ष युद्ध पोतों की मरम्‍मत इत्‍यादि के विषय में एक प्रदर्शन भी प्रस्‍तुत किया गया।

इस दौरान श्री पर्रिकर ने उन मछुआरों का स्‍वागत किया जिन्‍होंने डॉरनियर (डीओ-240) के हवाई जहाज के बेहोश पायलट को बचाया था। यह विमान 24 मार्च, 2015 को गोवा के पास दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। इस दुर्भाग्‍यशाली दुर्घटना में कोमोडोर निखिल जोशी बच गए थे। वे आज केवल इसलिए जीवित हैं क्‍योंकि मछुआरे समुदाय ने उसी रात उन्‍हें समय पर मदद पहुंचाई थी।

 

Source _ PIB

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