उम्मीद लिए महाराष्ट्र से आये किसान परिवारों के अनाथ बच्चों को दिल्ली ने किया अपमानित

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नई दिल्ली: जंतर मंतर पर हुए किसान मुक्ति संसद में महाराष्ट्र के किसान परिवारों के 40 अनाथ बच्चे अपनी पीड़ा और किसान परिवार की समस्या बताने आये थे। ये वो बच्चे हैं जिनके अभिभावक खेती करने के लिए लिए गए कर्ज़ तले दबकर आत्महत्या कर चुके हैं।

बुधवार को जब ये बच्चे दिल्ली के डीएलएफ साकेत मॉल गए तो एक ऐसी घटना घटी, जिससे आज देशवासियों को शर्मसार होना चाहिए। मॉल के अधिकारियों ने बच्चों के अंदर घूमने पर रोक लगाई और कहा कि मॉल में जाने के लिए इन बच्चों को विशेष अनुमति लेनी पड़ेगी। बच्चों के साथ गए स्वराज इंडिया के वॉलंटियर्स ने जब इसका ज़ोरदार विरोध किया तो मॉल के अधिकारियों को अंततः बच्चों से माफ़ी माँगते हुए अनुमति देनी पड़ी।

बड़े ही अफ़सोस की बात है कि आँखों में उम्मीद लेकर दिल्ली आए इन बच्चों को देश की राजधानी में भी ज़लालत झेलना पड़ा। वो तो इन बच्चों के साथ स्वराज इंडिया के वॉलंटियर्स थे जिन्होंने विरोध किया वरना ऐसे मॉलों में न जाने कितनी ऐसी शर्मनाक घटनाएं आएदिन होती होंगी।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से यह भी पता चलता है कि ख़ुदखुशी कर चुके किसानों के छोटे बच्चों के प्रति संवेदना होना तो दूर, हमारी दिल्ली के मॉल वाले और शहरी आबादी इन बच्चों की पीड़ा से भी पूर्णतयः अनभिज्ञ हैं।

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