जेएनयू में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी अनिर्बान और उमर खालिद के निष्कासन के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत

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दिल्ली- विगत फरवरी माह में देश की संसद के ऊपर आतंकी हमले की शाजिश रचने वाले और इस हमले को अंजाम दिलाने वाले आतंकी अफज़ल गुरु जिसे भारत सरकार के द्वारा फांसी दी गयी थी के समर्थन में कार्यक्रम का आयोजन करने वाले तथा कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी जेएनयू के छात्र संघ के नेता अनिर्बान भट्टाचार्य और उमर खालिद को फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ़ इनकार कर दिया है | हालाँकि कोर्ट ने उमर खालिद के ऊपर लगी 20,000 रूपये की धनराशि को जमा करने से अभी रोक लगा दी है |

क्या कहा हाईकोर्ट ने –
अनिर्बान भट्टाचार्य और उमर खालिद के मामले पर सुनवाई करने वाले हाईकोर्ट के जज मनमोहन ने कहा है कि फिलहाल वे निष्कासन के स्थगन का आदेश नहीं देंगे | उन्होंने कहा है कि मुझे इस मामले में कुछ जांच पड़ताल करनी है | इस मामले में रातों-रात फैसला नहीं लिया जा सकता है | यहाँ सोच विचार की आवश्यकता है | जस्टिस मनमोहन ने कहा है कि मुझे यह देखना है कि जांच प्रक्रिया सही ढंग से हुई है या नहीं | पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही मै यह तय करूँगा कि आगे क्या करना है | गौरतलब है कि जेएनयू प्रशासन ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को फ़िलहाल विश्वविद्यालय से बाहर निकाल दिया है | विश्वविद्यालय ने उमर खालिद को 1 समेस्टर के लिए निष्काषित किया है और 20,000 रूपये का जुर्माना भी लगाया है | वहीं अनिर्बान भट्टाचार्य को विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई तक के लिए निष्काषित किया है और साथ ही यह आदेश जारी किया है कि उसके बाद 23 जुलाई के बाद अनिर्बान भट्टाचार्य विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते है अगले 5 सालों तक |

क्या कहा गया था विश्वविद्यालय के द्वारा –
विश्वविद्यालय की जांच समिति ने पाया था कि ये दोनों ही छात्रों ने कविता पाठ के नाम पर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर विरोध प्रदर्शन करने के दोषी पाए गए है | इतना ही नहीं इन्होने देश की संसद के ऊपर हमला करने वाले आतंकी अफजल गुरु को याद करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया था | इसके आलावा समिति ने इन्हें अनुशासन हीनता, तथा दुर्व्यवहार का दोषी भी पाया है जिसके चलते इन सभी छात्रों के ऊपर कार्यवाही की गयी है |

हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय से माँगा है जवाब-
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों ही छात्रों को फिलहाल किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से साफ़ इनकार करते हुए कहा है कि वे खुद इस मामले में जरूरी जांच पड़ताल करेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे | हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है | अदालत ने जेएनयू से कहा है कि अगली तारीख पर आप सभी जवाबों के साथ अदालत में आये | अदालत ने छात्रों के वकील कपिल सिब्बल पर सख्त टिपण्णी करते हुए कहा है कि आप तो हर मामले पर अपनी अनभिज्ञता दर्शा रहे है ऐसे में आब हमें खुद इस मामले की जांच करनी होगी उसके बाद ही इस मामले में कोई फैसला लिया जाएगा | मामले में अगली सुनवाई 30 मई को है |

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