पशु शव निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की मांग उठी

0
103
Desert Dead Animal Nimal Carcass Skeleton

चाँदमारी/वाराणसी(ब्यूरो)– विकास क्षेत्र में मरे पशुओ के निस्तारण की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से किसानो व पशुपालको को परेशानी उठानी पड़ रही है। आये दिन मरे पशुओ को खुलेआम फेंक दिए जाने से आसपास के लोंगो में रोष फ़ैल रहा है।

जानकारी के अनुसार हरहुआ वि0 ख0 की कुल 96 ग्राम पंचायतो के 173 राजश्व गाँवो में 23613 कृषक परिवार हैं। मशीनी युग में आज भी करीब 10 हजार कृषक परिवार गाय, भैस, बकरी सहित अन्य पशु पाले हैं। मरे पशुओ के लिए कोई जगह निश्चित नही है| इस कारण लोग उन्हें जहां तहाँ फेक देते है। कुत्ते व अन्य जंगली जानवरों के नोचने से उठने वाली सड़ांध से लोग बेहाल हो जाते हैं।

रामेश्वर स्थित ेंवृन्दावन मरने वाले पशु को वरुणा नदी के किनारे फेंके जाने से कुत्तों, सियारो की जमात कई लोंगो को काट तक लिए हैं। ग्रामीणों ने स्थाई पशु शव निस्तारण की मांग आयर गांव में उठाई। बजरंग सिंह, आर0डी0 यादव, नागेन्द्र, राजकुमार सहित कई लोगो ने ब्लॉक अधिकारियों को अवगत कराया पर अभी तक पूरा नही हुआ।पर्यावरण को देखते हुए ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष गोविन्द पटेल ने पुरे हरहुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायतो में स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई है।

रिपोर्ट- नागेन्द्र कुमार यादव

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here