बैराठ फार्म के सन्दर्भ में उपजिलाधिकारी को मॉग पत्र सौपा

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चकिया /चन्दौली (ब्यूरो) पूर्व काशी नरेश की सिलिंग से निकली जमीन पर अधिकार गरीब किसानो, आदिवासियों, दलितो का है, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण करने वाले दवंगो व असामाजिक तत्व को खुली छूट दी जा रही हैं वही भुमिहीन किसानो, दलितो, आदिवासियों को वेदखल किया जा रहा है, उन पर फर्जी मुकदमा लादा जा रहा हैं जबकि प्रशासन की सटीक व समय रहते उच्य न्यायालय मे पैरवी न करने के कारण आदिवासियों मे वह जमीन आंबटन नही किया जा रहा है! जिससे राजस्व की भी क्षति हो रही है |

उक्त बातें कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद उपजिलाधिकारी से वार्ता के दौरान माकपा व स्वराज अभियान के नेताओ ने कहीं नेताओ ने कहा कि आप एक तरफ तो कुर्की का हवाला देकर भुमिहीन किसानो दलितों, आदिवासियों को बेदखल कर रहे है खेती करने से रोक रहे हैं वही ये दंबग ताकतें आपके आदेश की अनदेखी कर कब्जा कर रहे हैं मनरेगा के तहत,तलाब खुदवा रहे है आपके प्रशासन द्वारा की गयी निसान देही मिट्टा रहे है! बैराठ की जमीन पर कही से भी इनका हक नही बनता है! नेताओ ने उपजिलाधिकारी से कहा गया कि बैराठ फार्म की जमीन की लडाई जनांदोलन के द्वारा तेज होगी।
कार्यकर्ता बैठक व प्रतिनिधि मंडल में माकपा राज्य कमेटी सदस्य श्रीप्रसाद, स्वराज अभियान के नेता व ग्रामीण मजदूर मंच के जिला संगठन प्रभारी अजय राय, माकपा के तहसील मंत्री शम्भुनाथ यादव, किसान सभा के जिला मंत्री लालचन्द यादव, आदिवासी नेता रामदुलार वनवासी, अन्तु राम वनवासी ,हरि वनवासी शिवजी वनवासी सहित कई लोग शामिल रहे!

रिपोर्ट – मनोज द्विवेदी

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