लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र रक्षकों को स्वयं को रखना होगा काबू में


बलिया (ब्यूरो)लोकतंत्र रक्षक सेनानी जेपी आंदोलन के तत्वावधान में शहीद पार्क बलिया में रविवार को लोकतंत्र रक्षक सेनानियों में महात्मा गांधी जयप्रकाश के चित्र पर माल्यार्पण कर गांधी लोहिया जयप्रकाश अमर रहे, भगत सिंह, चंद्रशेखर, राजगुरू अमर रहे, नारों के उद्घोष के बीच सेनानियों ने काला दिवस मनाया।

उ.प्र. क्रांतिकारी स्मारक समिति उ0प्र0 के अध्यक्ष सह लोकतंत्र रक्षक सेनानी अंजनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता जेपी विचार मंच के संयोजक द्विजेन्द्र कुमार मिश्र ने संस्मण सुनाते हुए बताया कि 25 जून 1975 को श्रीमती गांधी ने संकट काल की घोषणा किया था और भारत के सम्पूर्ण विरोधी दल के लोगों को जेल में बंद करना शुरू कर दिया था। लोकबंधु राजनारायण के रिट पर श्रीमती गांधी चुनाव हार गयी और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय जगमोहन सिन्हा ने इंहें अगले छः वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। श्रीमती गांधी के जेलों में समर्थकों सहित जयप्रकाश नारायण, पीलू मोदी, चंद्रशेखर, मधुलिमये, रविरे को जिलों में बंद कर दिया। देश सकते में आ गया। संकट काल डेढ़ वर्ष तक चला और जनता पार्टी के आने के बाद ही सन् 1977 में संकटकाल खत्म हुआ।

अध्यक्षीय सम्बोधन में अंजनी कुमार पाण्डेय ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अपने को काबू में रखना होगा। नहीं तो लोकतंत्र के लिए अभिशाप बन सकता है। बैठक में शुभ्रांशु शेखर पाण्डेय, देवेन्द्र तिवारी, संतोष कुमार शुक्ल, सुशील पाण्डेय, धनराज सिंह, अशोक राय, राजेश कुमार, अशोक सिंह, गोपाल सिंह सहित अनेक लोकतंत्र रक्षक सेनानी उपस्थित रहे। संचालन लोकतंत्र सेनानी जेपी आंदोलन के प्रवक्ता संतोष कुमार शुक्ल ने किया।

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