दूसरों को फल और फूल दिए, कुछ हमारी तरफ भी भेजो, देश पर कुर्बान होने वालों को याद करने का दिन : चीफ जस्टिस टी. एस. ठाकुर

0
211

t s thakur
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टी. एस. ठाकुर ने स्वतंत्रता दिवास के मौके पर बोलते हुए कहा “गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी, ऐ ख़ानाबर अंदाज़-ए-चमन कुछ तो इधर भी”…. यानी दूसरों को फूल और फल दिए कुछ हमारी तरफ भी भेजो, जस्टिस टी. एस. ठाकुर ने यह बात देश में जजों की कमी के चलते आ रही दिक्कतों को लेकर यह बात कही,

कार्यक्रम की शुरुआत में झंडे की गांठ न खुलने के चलते खंभे को निकलना पड़ा था. उस बात को भी मज़किया तरीके से रखते हुए चीफ जस्टिस ने कानून मंत्री पर निशाना साधा. कहा, “लॉ मिनिस्टर गांठ के पक्के हैं. आपने हमारी गांठ भी देख ली. हम तो खंभा उखाड़कर भी झंडा फहरा देते हैं.”

जस्टिस टी. एस. ठाकुर ने पीएम मोदी के भाषण पर भी टिपण्णी की और कहा देश के लोकप्रिय पीएम डेढ़ घंटा बोले लॉ मिनिस्टर भी बोले मुझे लगा इन्साफ और जजों की नियुक्ति पर भी बात होगी पर, जस्टिस ठाकुर ने कहा आज का दिन अहम् है हमने क्या किया है क्या करेंगे ये बताकर आज के दिन की अहमियत कम नहीं करना चाहता |”

उन्होंने कहा कि ”लोग जानते हैं, कौन क्या कर रहा है. आज देश के लिए कुर्बानी देने वालों को याद करने का दिन है.” चीफ जस्टिस ने सरकार से गरीबी और बेरोज़गारी पर खास ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा ऐसे बनाई गई है, जैसे आदमी को सिर्फ 2 वक्त की रोटी चाहिए |

उन्होंने कहा कि अगर इसे(गरीबी रेखा) थोड़ा सा बढ़ा दें तो 50 फीसदी से ज़्यादा आबादी गरीब कहलाएगी. जस्टिस ठाकुर ने कहा कि बेरोज़गारी का आलम ये है कि एम.ए पास लोग चपरासी तक की नौकरी करने के लिए जूझ रहे हैं, आज अगर सुप्रीम कोर्ट में चपरासी की वैकेंसी निकाल जाए तो लाइन लग जाएगी असली आज़ादी होगी गरीबी से, शोषण से आज़ादी…

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here