देशद्रोही यासिन मलिक और गिलानी के साथ मंच साझा करने वाली पर कैसे भरोशा करे भारत जनता ?

0
1008
भारत विरोधी कार्य करने वाले सैयद अली शाह गिलानी के साथ मंच साझा करती हुई अरुंधती रॉय
भारत विरोधी कार्य करने वाले सैयद अली शाह गिलानी के साथ मंच साझा करती हुई अरुंधती रॉय

http://www.privateproxies.com/owner/klub-delovar-istorii-uspeha.html клуб деловар истории успеха आज एक और मशहूर लेखिका ने देश में जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार के ऊपर असहिष्णुता को बढ़ावा या फिर बढ़ रही असहिष्णुता का आरोप लगाते हुए अपना नेशनल पुरस्कार वापस करने की घोषणा कर दी है I गौरतलब है कि मशहूर लेखिका अरुंधती राय ने आज केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन तथाकथित बुद्धिजिवियों का सहयोग करने का निश्चिय किया है जिन्होंने केंद्र सरकार के ऊपर देश अराजकता का माहौल फैलाने का आरोप लगाते हुए अपने अवार्ड्स वापस किये थे I

http://zillbill.ru/library/ledi-end-dzhentlmen-katalog.html леди энд джентльмен каталог लेकिन आज जो लेखिका देश के भीतर बढ़ रहे अराजकता के माहौल या फिर असहिष्णुता की बात कर रही है उसी तथाकथित बुद्धिजीवी ने कभी भारत के खिलाफ भारत में ही रहकर आन्दोलन करने वाले सैयद अली शाह गिलानी और आतंकवादी से तथाकथित नेता बने यासिन मलिक के साथ मंच साझा करती हुई दिख चुकी है I

http://masteringhappinesstoday.com/owner/liniya-lyubvi-yuvelirniy-magazin-katalog-kemerovo.html линия любви ювелирный магазин каталог кемерово अब ऐसे लोगों को हम बुद्धिजीवी कैसे मान सकते है जो खुद देशद्रोहियों के साथ मंच साझा करती है I हम उन्हें देश की एकता और अखंडता का रक्षक कैसे मान ले जो उन देश द्रोहियों और हत्यारों की समर्थक रही है जिनके हाथ कश्मीरी पंडितों के खून से सने हुए I अब तो यह धीरे-धीरे साफ़ होता जा रहा है कि तथाकथित लेखकों के बयान और उनके द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कारों का वापस करना केवल और केवल एक राजनैतिक चाल ही है इसके अलावा और कुछ भी नहीं I

आतंकी से नेता बने यासिन मलिक से हाथ मिलाती हुई अरुंधती रॉय
आतंकी से नेता बने यासिन मलिक से हाथ मिलाती हुई अरुंधती रॉय

где хранить конфеты अगर इन्हें वापस ही करना था या फिर विरोध ही करना था तो इनलोगों ने यह तब क्यों नहीं किया जब कश्मीर में रह रहे लाखों कश्मीरी पंडितों को उनके घर से बेदखल कर दिया गया I इनका देश प्रेम तब क्यों नहीं जगा जब मात्र 3 दिन के भीतर ही हाजारों सिक्खों का पूरे देश में दिन दहाड़े कत्लेआम कर दिया गया I इनका समाज और देश की एकता अखंडता के प्रति प्रेम तब कहा चला गया था जब भोपाल गैस कांड के प्रमुख आरोपी को रातो-रात देश के बाहर निकाल दिया गया I इनका प्रेम तब कहा चला गया था जब देश के प्रधानमंत्री ने ही अनेकों हत्याओं के बाद कहा था कि जब कोई बड़ा पेंड गिरता है तो धरती तो हिलती है I

золотая корона армения अगर तब नहीं तो आज फिर जब चारों ओर पूरी दुनिया में भारत अपने गौरव की तरफ बढ़ रहा है तब यह ऐसे प्रश्न क्यों उठा रहे है I अगर वापस ही करना था तो मुज्जफरनगर के दंगों में भी वापसी हो सकती थी I ऐसे अनेकों अनेक उदहारण भारत के इतिहास में दर्ज है जब ऐसे कदम उठाये जा सकते थे लेकिन तब ऐसा नहीं किया गया तो आज ऐसा क्यों हो रहा है ? यह विचार करने का विषय है !

график работы еркц кировского района  

http://www.acerpro.com/library/ekskursiya-po-biologii-rezultati-estestvennogo-otbora.html आइये विचार करिए क्योंकि इन तथाकथित बुद्धिजिवियों के एक पैर देश में तो दूसरा देश के बाहर रहता है इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा अगर फर्क किसी को पड़ेगा तो वह मुझे और आपको ! कौन सही है और कौन गलत इसका विचार केवल और केवल हमें और आपको करना है क्योंकि सरकार हमनें चुनी है इन्होने नहीं तो इस सरकार के ऊपर प्रश्न चिन्ह लगाने का हक़ भी हमारे पास ही है इनके पास नहीं !

http://elzbieta.webd.pl/owner/bolnitsa-15-shema-proezda.html больница 15 схема проезда आइये इन्हें देते है जवाब –

http://referenca.rs/owner/ne-rastut-pertsi-rassada-chto-delat.html не растут перцы рассада что делать धन्यवाद !

धर्मेन्द्र सिंह

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

http://aidbook.eu/owner/karta-dorog-estonii-na-russkom-yazike.html карта дорог эстонии на русском языке 18 − nine =