मोदी के किसानों की क़र्ज़माफ़ी के वादे को देवेंद्र फणनवीस ने बताया पलीता

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मुंबई- उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए पीएम मोदी के क़र्ज़माफ़ी के वादे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने पलीता दिखा दिया है। दरअसल आपको बता दें कि देवेंद्र फणनवीस महाराष्ट्र विधानसभा में बजट सत्र को सम्बोधित करते हुए विपक्ष के हमले पर जवाब दे रहे थे।

अकेले राज्य के पास इतनी क्षमता नहीं –

महाराष्ट्र के सीएम ने विपक्ष की माँग को ठुकराते हुए बेहद तार्किक ढंग से आँकड़ों को रखते हुए विपक्ष को समझाने का प्रयास किया है। देवेंद्र ने कहा कि यदि किसानों को क़र्ज़माफ़ी दे दी गयी तो राज्य के विकास के लिए सरकार के पास धन ही नहीं बचेगा। बता देते है कि आजकल महाराष्ट्र विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है और विपक्ष लगातार किसानों के लिए क़र्ज़माफ़ी की माँग कर रहा है।

आक्रामक हो चुका है विपक्ष
बताते चले कि महाराष्ट्र के किसानों के लिए क़र्ज़ माफ़ी की माँगों को लेकर विपक्ष बेहद आक्रामक हो चुका है। इसीक्रम में कोंग्रेस के विधायकों ने एसबीआई मुख्यालय में घुसकर बुरी तरह से नारे बाज़ी भी की थी। दरअसल यहाँ पर आपको यह भी बता देते है कि हाल ही में एसबीआई की मुखिया अरुंधती भट्टाचार्य ने एक बयान देकर कहा था कि यदि किसानों को क़र्ज़माफ़ी दे दी गयी तो वित्तीय अनुशासन गड़बड़ा जाएगा। मुंबई विधानसभा के कोंग्रेसी विधायक इसी बयान का विरोध करने के लिए एसबीआई मुख्यालय पहुँचे थे।

अब तक 16000 किसानों ने की है आत्महत्या
ग़ौरतलब है कि सूबे के मुखिया देवेंद्र फणनवीस ने विधानसभा में दिए अपने तक़रीबन सात मिनट के भाषण में बेहद रोचक तथ्य सामने रखे है। उन्होंने भाषण के दौरान कहा है कि वर्ष दो हज़ार नौ में हुए क़र्ज़ माफ़ी के बाद भी सूबे में किसानों ने आत्महत्या की थी। उन्होंने कुछ आकंडे प्रस्तुत करते हुए सदन में बताया कि

वर्ष 2010 में 3141
वर्ष 2011 में 3337
वर्ष 2012 में 3786
वर्ष 2013 में 3146
वर्ष 2014 में 2568
देवेंद्र फणनवीस ने बताया कि इस तरह से अब तक कुल 16000 किसान आत्महत्या कर चुके है।

क्या गारंटी है कि क़र्ज़माफ़ी के बाद किसान आत्महत्या नहीं करेंगे

विपक्ष की क़र्ज़माफ़ी पर हमला बोलते हुए देवेंद्र फणनवीस ने कहा है कि हमारी सरकार किसानों को दिए जाने वाले क़र्ज़माफ़ी का विरोध नहीं कर रही है लेकिन इस काम को योजनाबद्ध तरीक़े से किया जाना चाहिए और हमारी सरकार इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जिस किसान के क़र्ज़ को एक बार माफ़ कर दिया जाता है उसे दोबारा बैंक ए द्वारा क़र्ज़ नहीं दिया जाता है ऐसे में हमारा यह मानना है कि किसानों को क़र्ज़ माफ़ी देने की बजाय उन्हें इस लायक बना दिया जाय कि वे बेहद आसानी से अपना क़र्ज़ चुका सके।

सीएम ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा है कि क्या विपक्ष इस बात की गारंटी देता है कि इस बार यदि क़र्ज़ माफ़ी दे दी गयी तो प्रदेश का कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा।

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