पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक की केन्द्रीय गृह मंत्री से मुलाकात

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पाकिस्‍तान रेंजर्स के महानिदेशक, मेजर जनरल उमर फारूक बुर्की के नेतृत्‍व में एक प्रतिनिधिमंडल, 11 सितम्‍बर, 2015 को नई दिल्‍ली में केंद्रीय गृह मंत्री, श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते हुए। बीएसएफ के महा निदेशक, श्री डी.के. पाठक भी उपस्‍थित हैं।
पाकिस्‍तान रेंजर्स के महानिदेशक, मेजर जनरल उमर फारूक बुर्की के नेतृत्‍व में एक प्रतिनिधिमंडल, 11 सितम्‍बर, 2015 को नई दिल्‍ली में केंद्रीय गृह मंत्री, श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते हुए। बीएसएफ के महा निदेशक, श्री डी.के. पाठक भी उपस्‍थित हैं। news source -PIB

पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक मेजर जनरल उमर फारुक बुर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।

इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से पाकिस्तान के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहता है और पड़ोसियों के साथ शांति की श्री वाजपेयी की नीति ‘मित्र बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं बदले जा सकते’ का सरकार अनुसरण कर रही है। वर्तमान सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया ताकि वह इस प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से चाहता है कि वह पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रखे और उफा बैठक इस पहल का हिस्सा थी। दुर्भाग्यवश दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत नहीं हो सकी।

श्री राजनाथ सिंह ने अर्थपूर्ण बातचीत के लिए सीमा की रक्षा कर रहे दोनों देशों के सुरक्षा बलों को बधाई दी और कहा कि किसी भी पक्ष को सुरक्षा बलों अथवा नागरिकों को निशाना नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद से प्रभावित हैं और सभी देशों को इस बुराई से मुकाबला करने में सहयोग करना चाहिए।

पाक रेंजर्स के महानिदेशक मेजर जनरल उमर फारुक बुर्की ने कहा कि पाकिस्तान भी भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहता है और बैठक में लिए गए फैसलों का वह पालन करेगा। उन्होंने कहा कि गलती से अथवा गलतफ़हमी के कारण सीमा पर गोलीबारी की कुछ घटनाएं हुई होंगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को उम्मीद है कि भविष्य में स्थिति से सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटा जा सकेगा।

इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री किरेन रिजीजू, केन्द्रीय गृह सचिव श्री राजीव महर्षि और गृह मंत्रालय तथा सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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