अब दिल्ली-एनसीआर में नहीं चल सकेंगी डीजल कैब, प्रदुषण के मामले पर केंद्र को फटकार – सुप्रीमकोर्ट

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दिल्ली- 1 मई 2016 से दिल्ली की सड़कों पर कोई भी डीजल कैब नहीं दिखायी पड़ेगी क्योंकि आज देश की सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंड पीठ (टी.एस. ठाकुर, एके सीकरी और न्यायाधीश आर बानुमाथी) ने उस याचिका को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि अब और समय सीमा को हर बार बढाया नहीं जा सकता है I प्रधान न्यायाधीस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा है कि, “आज दुनिया में वो तकनीक उपलब्ध है जिसके जरिये आप लोग डीजल गाड़ियों को सीएनजी में बदल सकते है I”

30 अप्रैल तक की समय सीमा तय की गयी थी –
बता दें कि पिछली सुनवाई जो कि बीते 31 मार्च को हुई थी में सुप्रीमकोर्ट ने गाड़ियों को डीजल से सीएनजी में परिवर्तन करने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया था I आज 30 अप्रैल को उसी याचिका पर प्रधान न्यायाधीस और अन्य तीन जजों की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी I खंडपीठ ने इस फैसले के साथ ही साथ उस याचिका को भी ठुकरा दिया है जिसमें यह कहा गया था कि इस आदेश से गरीब ड्राइवरों की रोजी रोटी पर कोई फर्क पड़ेगा I

दिल्ली पुलिस और दिल्ली जल बोर्ड को दी गयी छूट –
आज सुप्रीमकोर्ट ने सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस और दिल्ली जल बोर्ड को इस आदेश से मुक्त रखा है I सुप्रीमकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि 2000 सीसी के ऊपर के 190 वाहनों को खरीद सकती है बशर्ते दिल्ली पुलिस को अपने सभी वाहनों का ग्रीन टैक्स पे करना पड़ेगा I वही दूसरी तरफ कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को भी इस नियम से मुक्त कर रखा है और इतना ही नहीं दिल्ली जल बोर्ड को ग्रीन सेस का भी भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी I हालाँकि कोर्ट ने यह भी कहा है कि फिर भी इन दोनों ही विभागों को ट्रांसपोर्ट अथारिटी के पास अपने-अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा I

हम छुट्टी के दिन भी काम कर रहे है लेकिन आपके पास इसके लिए समय नहीं है –
बता दें कि आज सुप्रीमकोर्ट में इस मामले पर ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी अपना पक्ष रखना था, लेकिन सॉलिसिटर जनरल संजीत कुमार ने कहा कि सभी एक मीटिंग में शामिल होने के लिए गए हुए हैं जिससे वो कोर्ट में नहीं आ सके I इससे नाराज कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हम छुट्टी के दिन काम कर रहे हैं और अपने सभी जरूरी काम को छोड़कर मामले की सुनवाई कर रहे हैं जबकि आपके पास इसके लिए समय नहीं है I

केंद्र सरकार को भी लगायी फटकार –
आज सुप्रीमकोर्ट ने जहां अहम् निर्णय लेते हुए दिल्ली एनसीआर में बढ़ रहे प्रदुषण के स्तर को देखते हुए एक तरफ डीजल से चलने वाली टैक्सियों को बंद करने का आदेश दे दिया है वही दूसरी ओर सरकार को भी वाहनों से होने वाले प्रदुषण के रोकथाम के लिए कोई उपाय न करने के मामले में कड़ी फटकार लगाई है I

प्रधान न्यायाधीस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आज सरकार को फठकार लगाते हुए कहा है कि, “आप लोग सभी अपने-अपने ऑफिस में बैठकर चाय,काफी की चुस्कियां लेते रहते है और करते कुछ भी नहीं है I आपको ज्ञात होना चाहिए कि यह लोगों की जिंदगी से जुडा हुआ प्रश्न है I”

खंडपीठ ने आज कोर्ट में सवाल किया कि, मंत्रालय के लोग इस मामले पर क्या कर रहे है ? उन्होंने पुछा कि आप अभी तक इस मामले पर कोई ठोस शोध करके इस समस्या का समाधान क्यों नहीं निकाल रहे है, बाकी दुनिया में इस मसले से निपटने के लिए जो उपाय किये जा रहे है आप वो सब क्यों नहीं कर रहे है ? आप लोगों के ऐसा न करने की वजह से ही आखिरी में सारा मामला कोर्ट को देखना पड़ रहा है I

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा है कि, “मंत्रालय के लोग हमेशा इंतजार कर रहे हैं कि अदालत में कोई उपाय लेकर आएगा और तब वह कुछ करेंगे I आपको वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल और उनकी टीम के अनुसंधान और समाधान का इंतजार क्यों है ?

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