नियमित दिनचर्या से रोगों पर नियंत्रण संभव: डा. सुदीप कुमार

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रायबरेली। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा स्थानीय रायबरेली क्लब सिविल लाइन में आयोजित रीमाकान के दूसरे दिन शनिवार को सेमिनार का द्वितीय सत्र माॅ सरस्वती की वंदना के साथ प्रारम्भ हुआ।

डा. अचल श्रीवास्तव ने बताया कि कोमा के मरीजों की देखभाल करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिये। डा. बीपी सिंह विशेषज्ञ रेस्परेटरी ने क्रिटिकल केयर द्वारा नान इनवेसिंव वेंटीलेशन इन एक्यूट रेसपरेटरी फेल्योर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी मरीज को सांस संबंधी परेशानी होती है तो उसका किस प्रकार ख्याल रखना चाहिये और कौन सी दवायें किन परिस्थितियों में उपयुक्त है। डा. एसएन निदेशक पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट ने बताया कि नजला व दमा एलर्जी के कारण होते हैं। जिसमें पित्ती निकल आती है। डा. सुदीप कुमार ने बताया कि ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। बुजुर्गो में ब्लड प्रेशर की सबसे ज्यादा परेशानी होती है। डायबिटीज, किडनी, प्रेगनेंसी आदि के मरीजों को ब्लड प्रेशर का लेबल चेक करके ही दवा दी जानी चाहिये। कौन सी दवा किसके लिये ज्यादा बेहतर है यह दवा के स्पेशिफिकेशन के आधार पर तय किया जाता है। ब्लड प्रेशर को सामान्य व स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर कंट्रोल किया जा सकता है।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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