सपा में बजा बगावती बिगुल, विधायक ने पुत्र को सौंपी कमान

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रायबरेली। जिले में सपा की बगावत का बिगुल बज चुका है। शुरुआत जिले के प्रभावशाली विधायक रहे रामलाल अकेला ने की। पार्टी से टिकट कटने के बाद उन्होंने अपने बेटे को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में मैदान में उतार दिया है। सूत्रों की मानें तो इस सब के पीछे पार्टी के टूटे धड़े की रणनीति काम कर रही है।

यूपी फतह को लेकर कांग्रेस और सपा के बीच हुआ समझौता जिले के कुछ वरिष्ठ सपाईयों को रास नही आ रहा है। संगठन स्तर पर तो एक चुप्पी ही दिखायी देती है। लेकिन जिन मौजूदा विधायाकों के टिकट काटे गये है उनमें भारी आक्रोश है। यहां से बगावत के स्वर भी सुनायी देने लगे है। ऐसे ही तेज तर्रार सपा विधायक रामलाल अकेला ने अपने बेटे विक्रांत अकेला को अपनी पूर्व सीट बछरावां से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है। इसके पूर्व उन्होंने समझौते के तहत अपना टिकट काटे जाने को लेकर क्षोभ भी व्यक्त किया था। यही नही पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत जनसभा के नाम पर 4 दिन पूर्व भीड़ एकत्रित कर पार्टी को अपनी क्षेत्रीय ताकत का अहसास भी कराया था। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद नेतृत्व पर कोई असर नही पड़ा। जिसके बाद उन्होंने सांप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे इस तर्ज पर स्वयं मोर्चा न संभालकर, स्वयं मैदान में न उतरकर अपने बेटे को मैदान में उतार दिया है। सूत्रों की मानें तो यह सिलसिला आगे भी चलेगा क्योंकि इसके पीछे पार्टी की अंदरूनी कलह तो है ही पारिवारिक विवाद के तार भी इससे जुड़े है। कहां तो यहां तक जा रहा है कि पार्टी के उसी उपेक्षित धड़े के आशीर्वाद के चलते यहां बगावत के सुरों को बल मिल रहा है।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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