चेकपोस्ट के गुर्गो व दलाल के आगे नतमस्तक दिख रहा जिला प्रशासन

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कबरई(महोबा)- ‘ईसा पीर न मूसा पीर सबसे बड़ा है पैसा पीर’ ये पंक्तियाँ खनिज विभाग के लिए बिल्कुल सटीक चरितार्थ दिख रही है| विश्वसनीय सूत्रो से मिली जानकारी है कि कबरई खनिज चेकपोस्ट में सपा सरकार के समय से विभागीय अधिकारीयों के चहेते व रिश्तेदार बैठे भ्रष्ट प्राइवेट कर्मी ट्रको को पास करने के बाद पोस्ट में जमा हुई प्रथम एमएम 11 प्रति जो रोजाना महोबा ऑफिस में जा के जमा होती है लेकिन पोस्ट के लुटेरे कई दर्जन पास की गई अन्य ट्रको की रोवाल्टी पासिंग रजिस्टर में अंकित न करके उसी तारीख को अपने चहेते दलालो को देते है| दलालो द्वारा उसी तारिख की रोवाल्टी में सिर्फ पुरानी गाड़ी का नं काट कर नया ट्रक नं डाल कर निकाल देते है|

चेक पोस्ट के गुर्गो को हजार रुपए प्रति ट्रक देकर चेक पोस्ट कर्मी गैर कानूनी एमएम 11 की 6घन मी रोवाल्टी में 10 चक्का ट्रक में 35 से40 टन ओवरलोड ग्रिट निकासी कर करीब सात हजार रूपये प्रति ट्रक रोवाल्टी चोरी कर सरकार का लाखो का राजस्व नुकसान कर दलाल व प्राइबेट कर्मी अपनी रोजाना लाखो की काली कमाई करने में लगे है यह लूट का सिलसिला बद्दस्तूर जारी है पुरे मामले पर खुलासा होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न होने के कारण लुटेरों के हौशले बुलंद है फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद अपने ही कर्मियों की गर्दन फंसते देख विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न होने से यह गोरखधंधा बढ़ता जा रहा है।

लाखो की रोवाल्टी चोरी में क्रेसर स्वामी भी निभा रहे पूरी सहभागिता-
क्रेसरो को शख्त निर्देश के बाद भी अपनी ग्रिट बिक्री की चाहत में क्रेसर स्वामी ऐसे चोर दलालो को बिना रोवाल्टी बिल के ओवरलोड गिट्टी बेचने में आतुर है जो नियम बिरुद्ध है अगर क्रेसर वाले अपने नियमो का पालन करे तो ये फर्जीवाडा रोका जा सकता है और इसमें लगाम लग सकती है लेकिन इन क्रेसर वालो पर भी कोई कार्यवाही न होने पर ये सब भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है।

सचल दल अधिकारयों को अपने दफ्तर व घर से निकल हाइवे में चेकिंग की नही उठा रहे जहमत-
संबधित विभाग के अधिकारीयों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते वसूली बज लूटने में लगे है|

नकली एमएम11 के खुलासे में पुलिश की भूमिका संदिग्ध-
डी एम की दखल पर बरामद हुई फर्जी एम एम 11 प्रपत्र के रैेकिट पर चार दिन गुजर जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुयी। डी एम की सख्ती और पुलिस अधिक्षक की हड़की के बाद भी रैेकिट से जुड़े लोगो के चेहरे बेनकाब करने में इलाकाई पुलिस ने कोई रूचि नही ली। पुलिस की निष्क्रियता और खनिज विभाग की ख़ामोशी से क्रेशर यूनियन आहत और उद्वेलित है। यूनियन के एक प्रतिनिधि मंडल ने डी एम से मुलाकात कर इस अवैध कारोबार में संलिप्त सभी चेहरे और प्रिंटिग प्रेस का नाम सार्वजनिक कराने की गुजारिस की है। क्रेसर मालिको का आरोप है क़ि बिभाग के संरक्षण के वगैर चेक पोस्ट से नकली रोवाल्टी के साथ ट्रक पास होना सम्भव नही है। इस प्रकरण की सीबीआई जाँच होना चाहिए।

कौन कसेगा शिकंजा-
नकली रोवाल्टी का कारोबार लंबे समय से फलफूल रहा है।स्वार्थ परिता के चलते कोई प्रभावी कार्यवाही नही हो पाती इसके फल स्वरूप कारोबारियों के हौसले बुलंद है।कार्यवाही की सार्थक पहल की जगह जिम्मेदार अधिकारी बयानबाजी तक अपना दायरा सीमित किये है।

रिपोर्ट- प्रदीप मिश्रा

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