जनपद के राजस्व कर्मी/अधिकारी नहीं मानते जिला अधिकारी का आदेश मामला तहसील गौरीगंज का

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मुसाफिरखाना/अमेठी (ब्यूरो) तहसील गौरीगंज के ग्राम मयास परगना गौरा जामो थाना जामो के सुनील कुमार यादव ने जिलाधिकारी को आवेदन किया कि ग्राम मयास की गाटा संख्या 775 आवेदक के नाम संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है, जिसकी नहर के पानी के द्वारा सिचाई होती है | विगत कई वर्षों से व चकबंदी प्रक्रिया के बाद से चकरोड के एक साइड से नाली विद्यमान थी जिससे प्रार्थी  सिंचाई करता चला आ रहा है पिछले वर्ष चकरोड के निर्माण कार्य के बाद प्रार्थी की खेत को नहर का पानी जाना बंद हो गया और प्रार्थी के बगल के राज बहादुर दुबे व उनके घर वालों प्रार्थी को पानी ले जाने से मना किया, उनका कहना है कि चकरोड के साथ राजस्व के नक्शे में नाली दर्ज नहीं है इसलिए चकरोड से नाली बनाकर पानी ले जाने नहीं देंगे जबकि उनके द्वारा स्वयं चकरोड में नाली बना कर  अपने खेत की सिंचाई जा रही है |

विदित रहे कि आवेदक के चक के बगल के पश्चिम दिशा की ओर नाली चक रोड के साथ राजस्व अभिलेख में दर्ज है, जबकी चकबंदी प्रक्रिया में आवेदक के चक के बगल नाली का प्रावधान करने से छूट गया है | अब खरीफ़ की फसल की तैयारी शुरू है इसलिए आवेदक को अपनी चक में धान की फसल की रोपाई करनी है इसलिए पानी की आवश्यकता है, लेकिन विवाद के कारण प्रार्थी के चक 775 में पानी नहीं पहुंच रहा है इसके संबंध में प्रार्थी ने तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया जबकि तहसीलदार ने हल्का लेखपाल से कानूनगो से रिपोर्ट मांगी थी प्रार्थी को पानी की अत्यंत आवश्यकता है। लेकिन उनके द्वारा उचित कार्यवाही न किए जाने से आवेदक को परेशान होना पड़ रहा है आवेदक के खेत के पानी ले जाने के लिए तहसीलदार गौरीगंज को पूरा पूर्ण अधिकार प्राप्त हैं और मामले की तत्कालीन प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए जब तक कोई और व्यवस्था ना हो जाए तब तक अस्थाई रूप से प्रार्थी की चक को पानी पहुंचाने का कार्य  तहसीलदार द्वारा किया जाना चाहिए इस संबंध में खंड विकास अधिकारी जामो को भी अवगत कराया गया और उन्होंने इसमें किसी प्रकार से उनका कोई रोल होने से इंकार कर दिया है और बताया है कि यह पूरा मामला राजस्व से संबंधित है ।

दिनांक 20 जुलाई 20 17 को जिलाधिकारी अमेठी द्वारा निर्देशित किया गया कि 21 जुलाई 17 को तहसीलदार गौरीगंज थाना अध्यक्ष जामो तथा विकास खंड अधिकारी जामो जाकर नाली खुलवाएं लेकिन समाचार लिखे जाने तक तहसीलदार गौरीगंज द्वारा कार्य को प्राथमिकता पर नहीं लिया गया और जिलाधिकारी द्वारा आदेशित किया गया समय भी व्यतीत हो गया जिसमें तहसीलदार गौरीगंज के द्वारा लापरवाही का आरोप आवेदक ने प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश को संबोधित प्रार्थना पत्र आईजीआरएस के माध्यम से भेजा है

रिपोर्ट – अक्षय प्रताप यादव

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