न खाता न बही, जो कोतवाली पुलिस कहे वही सही

0
64

 रायबरेली(ब्युरो)- कोतवाली पुलिस के भी खेल निराले हैं। रॉयल्टी जमा होने और एम् एम11 होने के बाद भी कोतवाली पुलिस की जेब गर्म किये बिना मिट्टी का खनन कर रहे ठेकेदार की न केवल जे सी बी और डम्पर को कोतवाली में जबरन खड़ा करा लिया बल्कि ठेकेदार को कोतवाली में धमकया भी कि तुम चाहे जितना एम् एम् 11 और रवन्ना लाओ लेकिन बगैर कोतवाली का खर्चा दिए बगैर खनन नहीं करा सकते।

कोतवाली पुलिस राजस्व को जमा कराने में यकीन नहीं रखती बल्कि राजस्व की चोरी कराने में लगी रहती है। वही इस बारे में कोतवाल का कहना है कि मिट्टी का खनन मजदूरों से कराया जाने का आदेश है। जिस पर खनन अधिकारी का कहना है कि मेरे द्वारा जो भी परमिशन दी गयी है वह जे सी बी मसीन से खनन करने की अनुमति है। यही नहीं जब कोतवाल से कहा गया कि मसीन से भी खोदाई करने का आदेश मिला है तो उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कही भी खोदाई करने की अनुमति नहीं दी गयी है तो यहाँ कैसे डी एम् और खान अधिकारी ने खनन की अनुमति दे दी। ऐसे में तो डी एम् और खनन अधिकारी दोनों पर अवैध खनन कराने का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। कोतवाली पुलिस अपराध की रोकथाम की बजाय अपराध कराने में विस्वास रखती है। नगर कोतवाली की पुलिस योगी जी भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के सपने को पलीता लगा रही है। कोतवाली पुलिस का बहाना है कि सड़क संकरी है। दुर्घटना होने की संभावना भी है। यही नहीं पुलिस को पैसे के अलावा किसी भी अधिकारी का आदेश नहीं मान रही है। पीड़ित सुरेश कुमार ने जिलाधिकारी से मिलकर अपने शोषण की बात बताई। जिस पर उनके द्वारा एडीएम् से उचित कारवाही करने का आदेश दिया गया।

रिपोर्ट- राजेश यादव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here