कुंडा में नही चलता सीएम के आदेश का फ़रमान, अवैध रूप से चल रही हैं मांस की दुकानें।

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कुंडा, प्रतापगढ़ (ब्यूरों)-  पूरे सूबे में भले ही सीएम के आदेश का अनुपालन हो रहा हो, लेकिन प्रतापगढ़ जिले में शायद ही किसी विभाग पर सीएम के आदेश का फरमान हो रहा हो। कुंडा पुलिस की मिलीभगत के कारण कुंडा इलाके में जमकर बूचड़खाने चल रहें हैं।

सड़क के किनारे सजी इन मांस की दुकानों पर जमकर बकरी और मुर्गे काटे जा रहें हैं। दुकानदारों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस इन मांस व्यापारियों से अपना हिस्सा लेकर चली जाती है।

कुंडा इलाके में शासन की रोक के बावजूद पुलिस की मिली भगत से अवैध बूचड़खानों का धंधा चल रहा है। सड़क के किनारे एकदम खुले में सजी इन दुकानों पर न ही पुलिस की निगाह पड़ रही है और न ही तहसील प्रशासन की।

सब कुछ जानते हुए भी कार्यवाही न करने के कारण स्थानीय व्यापारी भी इन मांस व्यापारियो के खिलाफ कोई शिकायत नही करते हैं। कुंडा कोतवाली के हीरागंज-कुंडा मार्ग पर ताजपुर बाजार में इस समय मांस के दुकानों की बाढ़ सी आ गई है।

जहां सप्ताह में दो दिन खुलने वाली एक ही मास की दुकान थी, वही अब कई सारे दुकानें प्रति दिन खुलने लगी हैं। तहसील और जिले को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर स्थित इन अवैध दुकानों पर प्रशासन कोई कार्यवाही नही कर रहा है। एकदम सड़क केकिनारे खुले में सजने वाली इन दुकानों के सामने से गुजरने पर राहगीरो को भी अपनी नजरें हटाते हुए गुजरना पड़ता है।

इसी थाने के अंर्तगत अंजनी पुल के पास लगने वाली साप्ताहिक बाजार में भी सुवर काटी जाती है और मछली बेंची जाती है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पुलिस सब कुछ जानती है और आकर अपना हिस्सा लेकर चली जाती है। जिससे हम भी शिकायत नही कर पाते हैं।

सत्तासीन बीजेपी का चुनाव के दौरान अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाने का वादा था। सरकार बनने के कुछ दिनों तक पुलिस और प्रशासन ने अवैध मांस व्यापारियो के खिलाफ अभियान भी चलाया लेकिन समय बीतने के साथ साथ अभियान भी फुस्स हो गया।

कोई कार्यवाही न होने से से अवैध मांस व्यापारियों ने अपना अवैध धंधा फिर से शुरू कर दिया है। अब देखना होंगा कि कुंडा इलाके की पुलिस और तहसील प्रशासन इन अवैध मांस व्यापारियो के खिलाफ कब कार्यवाही करता है या सीएम का आदेश कुंडा में आते ही महज एक कागज का टुकड़ा बन जाता है।

इस सम्बंध में सीओ कुंडा वीपी सिंह का कहना है कि इस बात की जानकारी नही है और मैं छुट्टी पर हूँ। कोतवाल को तुरंत मामले को देखने को कह रहा हूँ।

रिपोर्ट-विश्व दीपक त्रिपाठी

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