एक डा. जोड़ी ने सित्तिलिंगी के आदिवासियों का जीवन पूरी तरह बदल दिया

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THI

तमिलनाडू के सलेम कस्बे से 125 किलोमीटर दूर धर्मापुरी जिले के एक पिछड़े हुए गाँव सित्तिलिंगी जो कि नीम हकीमों ओर काले जादू के लिए जाना जाता था और इलाज के लिए नगाड़ों की आवाजें और फालतू की दवाइयों का प्रयोग होता था को तब भगवान् मिल गए जब डा. रेगी और डा. ललिता यह पधारे |

यह डाक्टर जोड़ी अपने ज्ञान का उपयोग उन इलाकों में करना चाहती थी जहाँ उनके काम की सबसे ज्यादा ज़रूरत थी और अपने काम के लिए सही जगह की उनकी खोज सित्तिलिंग पहुँचकर खत्म हुई एक पूरी तरह से उपेक्षित आदिवासी गाँव….

शुरुवात में जब वो गाँव में पहुचें तो उन्हें बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन अब वे हर तरह की सुविधाओं से सुसज्जित एक अस्पताल बनाने में सफल हो चुके हैं | उनका कार्य सराहना से परे है |

रेगी और ललिता अपने काम को TRIBAL HEALTH SERVICE (THI) से बुलाते हैं, उनकी दृढ़ता और अथक प्रयासों से वहां के जन-जीवन में एक अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है, नवजात शिशुओं की मृत्युदर 1000 से घटकर 20-30 हो गयी है और पिछले 10 सालों में बच्चे को जन्म देते समय माँ की मृत्यु के गिने चुने मामले ही हुए हैं | बच्चों और आम लोगों के पोषण का स्तर में बहुत अधिक सुधार हुआ है |

सित्तिलिंगी के सुधार की इस पहल दूसरी खास बात यह है कि नर्स के तौर पर जो लडकियां अस्पताल में सेवा कार्य करती हैं उन्हें रेगी और ललिता व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण देती हैं | जब नेगी और ललिता को लगा कि आदिवासी इलाके में नर्सेस मिलना बहुत कठिन काम है तो उन्होंने गाँव में जाकर तीव्रबुद्धि की लडकियों को इस काम के लिए चुनने का फैसला किया यह कदम आदिवासी लड़कियों में आत्मसम्मान को बढ़ाने के बहुत ही बेहतर साबित हुआ वे इस मुहीम का हिस्सा बनकर अपने लोगों की सेवा करके बहुत खुश थी |

इस चिकित्सीय देख – रेख की पहल को थोडा और बेहतर बनाते हुए लोगों को शिक्षित कर खुद से समस्याओं से लड़ने के लिए तैयार करने का काम शुरू हुआ | यह डा. जोड़ी आदिवासी समाज में स्वास्थ्य से सम्बंधित सामान्य जागरूकता फैलाना चाहती थी, आज THI से आसपास के करीब 30 से अधिक गाँव इस मुहीम का फायदा उठा रहे हैं

यह जोड़ी सिर्फ चिकित्सीय सुविधाओं तक सीमित नहीं रही उन्होंने शैक्षिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक विकास के लिए सभाओं का प्रबंध किया, बच्चों के लिए एक पुस्तकालय भी शुरू किया गया जहां वे पढ़ सकते हैं और कभी – कभी कुछ सामाजिक कार्यकर्त्ता उन्हें प्रेरणादायी कहानियां भी सुनाता है |

अखंड भारत परिवार इस डा. जोड़ी औए उनसे जुड़े अन्य लोगों के प्रयासों की तहे दिल से सराहना करता है | यह डा. जोड़ी सम्पूर्ण देश के लिए प्रेरणा का श्रोत है |

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Photo credit – THE Tribal Initiative

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