डाक्टर को धरती पर लोग भगवान कहते हैं दूसरा रूप

वाराणसी (ब्यूरो)- दूधमुही बच्ची के साथ नशेड़ी युवक द्वारा किये गए दुष्कर्म के प्रयास ने जहां जन-मानस के मन-मस्तिष्क को झकझोर कर रख दिया। वहीं सर सुन्दर लाल चिकित्सालय के चिकित्सकों का नन्हीं सी बच्ची के इलाज के लिए की गई कायराना हरकत ने पुलिस को भी झकझोर कर रख दिया। कहने को तो चिकित्सकों को धरती का भगवान कहा जाता है लेकिन उनकी हरकतें किसी जल्लाद से कम नही रहीं।

स्वामी विवेकानन्द ने एक ऐसे भारत की संरचना अपने मन में संजोए रखी थी जहाँ पश्चिमी सभ्यता का नाम मात्र भी समावेश नहीं था। उन्होंने कहा था कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति को नापने का पैमाना वहाँ की महिलाओं की स्थिति से देखा जा सकता है। भारतीय नारी में आध्यात्मिक एवं सामाजिक नेतृत्व की सभी संभावनाएं मौजूद हैं इसलिए “मेरे देश में नारी प्रार्थना के योग्य हैं” क्योंकि प्रार्थना से विश्व में एक नयी आत्मा का प्रादुर्भाव होता है।

सभी उन्नत राष्ट्रों ने स्त्रियों को सम्मान देकर ही अपने राष्ट्रीय गौरव को विकसित किया है। जिन देशों में स्त्रियों को उचित सम्मान नहीं दिया जाता है वे कभी उन्नति नहीं कर पाये और न ही कभी उन्नति कर पायेंगे। आधी आबादी को उसका हक़ दिए जाने की वकालत करने वाली सरकारें महिलाओं के अधिकारों व उनके सम्मान के प्रति कितनी जागरूक है इसका अंदाजा महिलाओं व लड़कियों के प्रति बढ़ती घरेलू हिंसा, अपराध व समाज में बढ़ती उनकी उपेक्षा को देखकर लगाया जा सकता है।

पूरे देश में आज महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं अब तो आलम ये हो चुका है कि विकृत मानसिकता के लोग दूधमुहि बच्चियों को भी अपनी वासना का शिकार बना रहे हैं। आज भी समाज में महिलाओं और लड़कियों को मात्र भोग-विलासिता की वस्तु समझा जाता है। जिसका जीवंत उद्दाहरण प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में शुक्रवार को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना देखने को मिली। कहने को तो बेटी घर की लक्ष्मी होती है लेकिन परन्तु चेतगंज थानान्तर्गत 11 माह की बच्ची के साथ घटी घटना ये बताने के लिए पर्याप्त है कि आज का समाज कितना विकृत हो चुका है।

पुलिस ने दिखाई मानवता- चेतगंज थाने के इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने चिकित्सकों के व्यवहार को देखते मानवता की मिशाल पेश करते हुए अपने पास से 20 हजार रुपये जमा कराए गए तब उस नन्हीं सी जान का इलाज शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी

पीएम के संसदीय क्षेत्र में नशेड़ी युवक द्वारा 11 माह की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के प्रयास को प्रदेश के मुखिया ने संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी को बच्ची के समुचित इलाज का जिम्मा सौंपा है।

न्याय प्रक्रिया लचर होने से बढ़ा रहा अपराध- वरिष्ठ अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि हमारी न्यायायिक प्रक्रिया के लचर होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। न्यायपालिका द्वारा ऐसे अपराधियों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया है जिसमे ये प्रयास किया जा रहा है कि अपराधियों का कोई ट्रायल न हो उन्हें जल्द से जल्द सजा दी जा सके। साथ ही उन्होंने बढ़ते अपराध के लिए कहीं न कहीं मानवाधिकार आयोग को भी दोषी बताया कहाकि आयोग के चलते पुलिस के हाथ बंध जाने से अपराधी निरंकुश होते जा रहे हैं और पुलिस लाचार है।

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