भ्रूण परीक्षण रोकने हेतु चिकित्सकों को दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय देना होगा : मुख्य चिकित्साधिकारी

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प्रतापगढ़ ब्यूरो : मुख्य चिकित्साधिकारी डा. यू. के. पाण्डेय ने कहा है कि भू्रण परीक्षण न केवल असंवैधानिक है, असंगत और अनैतिक है अपितु यह मातृ शक्ति के सशक्तिकरण के विपरीत कुकृत्य की श्रेणीवाला कदम है। उन्होने कहा कि दृढ़ इच्छा शक्ति के बिना इस पर अंकुश पाना सम्भव न हो सकेगा। डा0 पाण्डेय आज विकास भवन के सभागार में पी0सी0पी0एन0डी0टी0 कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे। इस एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये समाजसेवी श्री हेमन्त नन्दन ओझा ने पी0सी0पी0एन0डी0टी0 के पंजीयन के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और लोगों के सुझावों और जिज्ञासाओं को शान्त भी किया।

संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा0 ए0के0 वर्मा ने पी0सी0पी0एन0डी0टी0 के तहत निर्धारित जुर्माना व अन्य दण्ड के प्राविधानों पर प्रकाश डाला। पी. सी. पी. एन. डी. टी. प्रभारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0एम0 नारायण ने पंजीयन के प्रोफार्मा और समय-समय पर अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के निगरानी के पहलुओं पर कार्यशाला में चर्चा की। इस कार्यशाला में इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के डा0 शिवमूर्ति लाल ने चिकित्साधिकारियों की ओर से आश्वस्त किया कि उनके संवर्ग की ओर से पूरा प्रयास होगा कि भारत सरकार और मा0 न्यायालय के निर्देशों का पूरा अनुपालन हो। कार्यशाला में सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, महिला और पुरूष चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे |

रिपोर्ट – डॉ. आर. आर. पाण्डेय

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