खाली पड़ा है तहसील का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, डॉक्टर और कर्मचारी गायब

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उन्नाव ब्यूरो : तहसील मुख्यालय हसनगंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय में कहने को 8 लोगो का स्टाफ है जिसमें दो चिकित्सक, दो फार्मेसिस्ट, 1 स्टाफनर्स, 1 बार्डब्याय, और दो स्वीपर हैं, लेकिन यहां के चिकित्सकों के न होने से मरीजों को फार्मेसिस्ट और स्टाफ नर्स ये बताकर चलता कर देते हैं कि, आज डॉ0 साहब नहीं हैं, जिससे मरीज आते तो बड़ी उम्मीद से हैं लेकिन चिकित्सक के न मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है |


सरकार ने ये बहुत सारी व्यवस्था कर रखी है लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के चलते सब ध्वस्त हैं, शासन ने मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार के लिए 18 बेड़ों की व्यवस्था की है, लेकिन चिकित्सकों के न आने से बेडों में जंग लग रहा है और कूड़े की तरह पड़े हुए हैं, अस्पताल में भर्ती होना तो दूर दवा मिलना भी मुश्किल है |


शनिवार 1 बजे अस्पताल जाने पर वह ये स्थित मिलती है कि दो चिकित्सक डा. अरुण कुमार सिंह व डा. उपेंद्र कुमार में से कोई चिकित्सक मौके पर नहीं मिला साथ ही एक फार्मेसिस्ट दिवाकर पांडेय भी नदारद रहे मौके पर फार्मेसिस्ट राधेलाल, स्टाफ नर्स सीता त्रिवेदी ,वर्डब्वाय राम बहादुर समेत दो स्वीपर मिले, जानकारी लेने पर पर पता चला कि सुबह से सिर्फ तीन मरीज ही आये थे अस्पताल परिसर का निरिक्षण करने पर बेड कूड़े की हालत में दिखे साथ में परिसर की नाली में पड़ी सिल्ट सरकार के स्वछता अभियान को मुँह चिढ़ाती है, जबकि अस्पताल में दो स्वीपर पूरा वेतन उठा रहे हैं ।
चिकित्सक उपेंद्र कुमार से फोन पर बात करने पर बताया कि वो अस्पताल के काम से ही उन्नाव आये हुए हैं ।

रिपोर्ट – राहुल राठौड़

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