प्राइटवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर हुए चौकन्ना

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क्रेडिट- वेबदुनिया

गोरखपुर(ब्यूरो)- कहावत है”तू डाल-डाल मै पात-पात”कुछ इसी कहावत को बीआरडी मेडिकल कालेज के डाक्टर चरितार्थ कर रहे है प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर शासन-प्रशासन भले ही गंभीर हो लेकिन डाक्टरो ने भी सरकारी आवास पर मरीज देखना बंद कर दिया लेकिन उन लोगो ने जब नर्सिंग होम की राह पकड़ ली है कई तो एैसे है जो गोरखपुर छोड़कर दूर-दराज के जिलो मे जाकर मरीज देख रहे है अब शासन उन पर कैसे अंकुश लगायेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा?

प्राइवेट प्रैक्टिस की दिक्कत आज की नही है बल्कि यह तो कई दशक से चली आ रही है खास कर बी आर डी मेडिकल कालेज के लिए यहां ओपीडी मे मरीज देखने वाला डाक्टर अपने-अपने स्त्रोतो से मरीज सरकारी आवास पर बुलाकर देखने लगे थे कई तो एैसे डाक्टर है जिनकी क्लिनिक भी है जहां अब वे चोरी-छिपे मरीज देख रहे है कुछ तो एैसे है जिनकी पत्नी डाक्टर है तो वे उसकी आड़ मे मरीज देख रहे है वैसे शासन का खौफ मेडिकल कालेज के डाक्टरो पर इस कदर प्रभावी हो गया है कि वे अब अपने सरकारी आवासो पर मरीज देखना लगभग बन्द कर दिये है|

पहले तो उनके यहां सुबह शाम एक आदमी एैसा रहता था जो मरीजो का नम्बर लगाता था| शासन का आदेश के बाद उनकी रूह कांप गयी है और उन लोगो ने आवासो पर मरीज देखना अगर कहे कि लगभग बंद सा कर दिया है तो यह गलत नही होगा|

क्या कहते है प्राचार्य-

बी.आर.डी.मेडिकल कालेज गोरखपुर के प्राचार्य डा.राजीव मिश्रा बताते है कि प्राइवेट प्रैक्टिस मे लिप्त डाक्टरों को चेतावनी दे चुके है और उनकी बातो का असर भी दिखाई देने लगा है सरकारी आवासो को मिनी ओपीडी बनाने वाले डाक्टरों ने प्राइवेट प्रैक्टिस बंद कप दी है कुछ एक है जो अभी भी चेत नही रहे है|

रिपोर्ट- जयप्रकाश यादव

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