पत्रकारों के पहल पर शव देने पर मजबूर हुए डॉक्टर

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प्रतीकात्मक फोटो

वाराणसी। पत्रकार प्रेस परिषद वाराणसी मंडल के एक नेक पहल ने वाराणसी मे एक मिशाल कायम की है। इस सम्बन्ध में बताया गया कि 12 मार्च 2017 को सुबह जंसा थाना क्षेत्र के खरगूपुर गांव निवासी विकास मिश्रा 17 वर्ष अपनी मां मंजू देवी व चाची सुनीता देवी को अपनी बाइक पर बैठाकर के मिर्जापुर जनपद के चुनार थाना क्षेत्र स्थित अदलपुर में बड़ी शीतला माता जी का दर्शन कराने के लिए जा रहे थे। बढ़ैनी के पास अनियंत्रित कार ने विकास की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिससे तीनो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को वाराणसी स्थित पॉपुलर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां विकास की उसी दिन मौत हो गई और घायल चाची सुनीता की मौत आज 18 मार्च 17 को पूर्वाहन 9:00 बजे अस्पताल में हो गई और इनकी मां आज भी अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।

विकास का परिवार अत्यंत ही गरीब है। अस्पताल में कुल 850000 रूपये तो चन्दा लगाकर दिए लेकिन आज जब इनके चाची की मौत हो गई तो अस्पताल के डाक्टरों ने लाश छोड़ने के पूर्व एक लाख सात हजार चार सौ रूपये अदा करने का शर्त रख दिया।परिजनों के पास रूपए की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसके कारण लाश अस्पताल में लेकर पड़े थे। पंकज सिंह व शशि कुमार सिंह ने बगैर रूपये दिये शव को अस्पताल में रखे जाने की जानकारी दी।जिसकी सूचना पर पत्रकार प्रेस परिषद के जिला अध्यक्ष/ मंडल प्रभारी घनश्याम पाठक, अपने पत्रकार प्रेस परिषद के वरिष्ठ जिला सचिव उपाध्याय जिला, जिला सह मीडिया प्रभारी मदन मोहन मिश्रा, जिला शिकायत सचिव संतोष नागवंशी, अजीत सिंह, अरुण पटेल, सहित सहित दर्जनों साथियों को लेकर वाराणसी के मंडुआडीह स्थित पॉपुलर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के मालिक डॉक्टर ए के कौशिक से मुलाकात कर सम्पूर्ण रूपये माफ करने की बात की।रूपये को लेकर घंटो जद्दोजहद भी चला।लेकिन डॉक्टर ने अपने नेक नियति का परिचय देते हुए सम्पूर्ण रूपये माफ़ करते हुए शव ले जाने की इजाजत दी।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार

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