जर्जर होता डोंगरगढ़ अस्पताल, इलाज में लापरवाही भी दिखा रहे यहाँ के डॉक्टर ,

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डोंगरगढ़ (ब्यूरो) कल रात दिनांक 3/7/2017 की घटना एक मरीज को रात 11 बजे शिवांगनी साखरे को उनके माता पिता के द्वारा तबियत खराब होने के कारण डोंगरगढ़ शासकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहा रात्रि में डियूटी कर रही डॉ अनन्या श्रीवास्तव के द्वारा कहा गया कि ये लड़की नाटक कर रही है और टाल मटोल किया जब लडकी के माता पिता ने वहाँ अपना आक्रोश दिखाया तब जाकर डॉ अनन्या के द्वारा इलाज चालू किया गया और ईलाज के नाम पर खाना पूर्ति की गई ऐसा लड़की के माता पिता का कहना था जिसकी शिकायत लडकी के माता पिता ने डोंगरगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष से की और सुबह उनके साथ वहाँ के डॉक्टरों से बात की और इस अस्पताल के डॉ और कर्मचारियों और नर्स के द्वारा किये गए व्यवहार और लापरवाही के विषय को लेकर बताया गया कि वहाँ बैठे डॉ सम्राट जैन और अनन्या श्रीवास्तव से पूरी घटना की जानकारी ली तब जा के उस लड़की का इलाज आज सुबह से सही तरीके से किया गया |

नगर पालिका अध्यक्ष तरुण हथेल, उपाध्यक्ष शिव निषाद जी पार्षद सुरेखा साखरे रात की बात को लेकर डॉ अनन्या श्रीवास्तव ने पुनः रात की बात को दोहराया और कहा जो बनता है कर लो सही में आपकी बच्ची नाटक कर रही है | तरुण हथेल ने कहा हम सब आपसे अच्छे से बात कह रहे हैं, आप हम लोगों से उल्टा बात कर रही हो ठीक है हम इसकी शिकायत आपके उच्च अधिकारी से करेंगे कह कर चीफ मेडिकल अफसर, मिथलेश चौधरी जी, SDM मार्कण्डेय जी अपर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल जी से अस्पताल में ही बैठकर इन अधिकारियों की शिकायत की और मौके से ही SI की से शिकायत की गई पुलिस विभाग से SI राय एक सिपाही के साथ अस्पताल आकर डॉ अनन्या श्रीवास्तव से बात की और घटना के बारे में जानकारी ली | उनके सामने भी डॉ. ने कहा लड़की नाटक कर रही है |

SI रॉय मरीज को देखने गए उसी वक्त फिर मरीज की तबियत बिगड़ गई उसी वक्त ऑक्सीजन लगाकर हालात को कंट्रोल किया गया | तरुण हथेल ने बताया आज शाम के 6 से 7 बजे के बीच चीफ मेडिकल अफसर मिथलेश चौधरी जी इस अव्यवस्था को लेकर आने वाले है ऐसी चर्चा है, कई बार इस अस्पताल को लेकर सवाल खड़े किये जा रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार, जिला प्रशासन आखिर आम जनता के स्वास्थ्य को लेकर चिंतन क्यों नहीं कर रही है ?

सूत्रों का कहना है की डॉक्टर तो ख़ुद मानसिक रोगी की तरह मरीजों से व्यवहार करते हैं, ऐसे डॉक्टरों से आम जनता का इलाज कराकर जनता को मुसीबत को डाला जा रहा है| जान बूझकर कुछ डॉक्टर द्वारा आम जनता और जनप्रतिनिधियों से खराब व्यवहार किया जाता है, गुस्से में आकर इन लोग के द्वारा कुछ अव्यवस्था पैदा की जाती है | जिससे यहाँ आने वाले मरीज वापस कहीं और इलाज करवाने चले जायें हम अपनी जवाबदारी से बचे बैठे रहें हम खाना पूर्ति कर केवल शासन से फ्री वेतन लें और अपना कार्य अपनी मर्जी से करें | डॉ मरीजो के लिए भगवान होता है लेकिन इस अस्पताल के डॉक्टर यहाँ पर सिर्फ खाना पूर्ति करने के लिए बैठे हैं | इस अस्पताल की समस्या आज से नहीं वर्षों से ही ऐसे ही सुनने को मिलती आ रही है और इस अस्पताल का हाल बुरा हो गया है, इस अस्पताल का तो भगवान ही मालिक है । वर्षों पुराना अस्पताल आज भी ऐसे ही है और दिन-प्रतिदिन और जर्जर होता जा रहा है | उसी दिन रात को अस्पताल के सामने का लेन्टर का छज्जा गिर गया था । सरकार को इस अस्पताल की समस्या को गंभीरता से लेते हुए और जर्जर होते अस्पताल को सभी सुविधा पूर्वक बनवाना चाहिए जिससे मरीजों का सही इलाज हो सके ।

रिपोर्ट – महेंद्र शर्मा/हरदीप छाबड़ा

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