डबल मर्डरः न कत्ल का अफसोस, न अंजाम की परवाह

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देहरादून– अपने पति और ससुर के खून से हाथ रंगने वाली महिला दीपिका और उसके प्रेमी योगेश को ना तो दो-दो लोगों की हत्या करने का अफसोस है और ना ही इस बात की परवाह कि दोहरे कत्ल का अंजाम क्या होगा। उन्हें सकून है तो इस बात का कि उनके आपस में शादी करने के रास्ते में अब कोई बाधक नहीं रहा। उन दोनों की बेहयाई देखिये कि जेल भेजे जाने से पहले पुलिस के सामने ही दोनों ने साथ जीने व साथ मरने की कसमें खाई और जेल से बाहर निकलते ही शादी कर लेने का वादा एक दूसरे से किया।

रायपुर थाना क्षेत्र के नालापानी रोड निवासी राजेश राणा और उनके पिता प्रेम सिंह राणा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गयी राजेश की पत्नी दीपिका और उसके प्रेमी योगेश अरोड़ा को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जेल गई महिला और उसके प्रेमी योगेश अरोड़ा के संबंधों को लेकर मोहल्ले के लगभग सभी लोग वाकिफ थे। दीपिका का पति राजेश भी इस प्रेम प्रसंग को जानता था। इस कारण अपनी पत्नी से उसका अक्सर झगड़ा भी होता था। परंतु लड़ाई-झगड़े या अवैध संबंधों का अंजाम इतना खौफनाक होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। खास बात यह है कि दीपिका और योगेश ने भी अपने प्रेम संबंधों को किसी से छिपाने का प्रयास नहीं किया। समाज या मोहल्ले के लोगों की उन्होंने कभी परवाह नहीं की। राजेश राणा और प्रेम सिंह राणा की हत्या के आरोप में जब दोनों को गिरफ्तार कर एसएसपी आफिस में पूछताछ के लिए लाया गया तो उन्होंने बेहिचक अपने संबंधों को स्वीकारा। इतना ही नहीं सबके सामने आपस में बातचीत की और पुलिस की मौजूदगी में कसमें वादे निभाने की बात करते रहे। जेल भेजे जाने से पूर्व जब उन्हें मेडिकल के लिए लाया गया तो उन्होंने बेबाकी से एक दूसरे का हालचाल पूछा। रायपुर पुलिस के अनुसार दोनों के ऊपर प्यार का भूत सवार है। पुलिस के सामने ही वे दोनों जेल से बाहर आकर शादी करने की बात कर रहे थे। प्यार की खुमारी में वे यह भी भूल गये हैं कि उन्होंने कौन सा जुर्म किया है और इसका अंजाम क्या होता है।

बेचैनी में कटी जेल की पहली रात-
जेल में दीपिका राणा की पहली रात भारी रही। महिला जेल के सूत्रों के मुताबिक बैरक में वह रात में गुमसुम रही। बेचैनी में वह टहलती भी रही। सुबह हुई तो महिला बंदियों ने उस पर सवालों की बौछार कर दी। पहले सवाल तो यही था कि वो किस अपराध में आई है। दीपिका ने दबी जुबान मर्डर की बात कही, लेकिन खुलकर कुछ भी बताने से परहेज किया। उसने पति और ससुरालियों द्वारा प्रताड़ना और पिटाई की बात कही। उधर, योगेश अरोड़ा को तन्हाई बैरक में रखा गया था। मंगलवार की सुबह उसे बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।

मायके वालों ने किया किनारा-
दीपिका का मायका देहरादून के ही किशननगर मोहल्ले में है। उसके पिता रिटायर फौजी हैं। मंगलवार को वह पहली बार रायपुर थाना पहुंचे और पुलिस को अपना परिचय देते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। दीपिका के पिता ने पुलिस को बताया कि गुनाहगार को सजा जरूर मिलनी चाहिए। यदि उसकी बेटी ने इतना बड़ा अपराध किया है तो उसे भी सजा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि उनका अब अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं रहा|

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