सभ्य समाज के लिए कलंक है दहेज प्रथा : उप-महापौर

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देवघर/झारखंड (ब्यूरो) – विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान तथा संत माइकल एंग्लो विद्यालय के युग्म बैनर तले साप्ताहिक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत होटल नई ग्राण्ड के सभागार में “दहेज प्रथा को रोकने के लिए महिलाओं की भूमिका’ संगोष्ठी का आयोजन धूमधाम से मनाया गया । मौके पर विवेकानंद संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा – समाज में फैली तमाम रूढ़ियों एवं कुपरम्पराओं में संभवतः सबसे अधिक कलंकित करने वाली प्रथा है- दहेज प्रथा । संत माइकल एंग्लो ग्रुप ऑफ स्कूल्स के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जय चन्द्र राज ने कहा- दहेज प्रथा माता-पिता की मान-मर्यादा का प्रश्न बन चुका है । योगमाया मानवोत्थान ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा- भारतवर्ष इस प्रथा के लिए विश्वभर में बदनाम है । विवेकानन्द संस्थान के संरक्षक प्रो. रामनन्दन सिंह ने कहा- इस प्रथा का सबसे बड़ा कारण मानव की स्वार्थी मनोवृत्ति वहीँ कोषाध्यक्ष प्रभाकर कापरी ने कहा- इस प्रथा को मिटाने के लिए समाज में जागरूकता ही अहम भूमिका निभा सकती है ।

संस्थान के संथाल परगना प्रमण्डल के अध्यक्ष पवन टमकोरिया ने कहा – यद्यपि विवाह की यह सर्वोत्तम रीति है, किन्तु इस उत्तम रीति को दहेज प्रथा ने कलंकित कर दिया है । वहीँ संस्थान के ग्रामीण क्षेत्र, संथाल परगना के सचिव राकेश कुमार राय ने कहा-महिलाएँ सिर्फ ठान लें तो कुछ भी असंभव नहीं है । कवि अरुण शर्मा ने अपनी कविता से उपस्थित दर्शकों को गुदगुदाया व लेखक प्रशांत कुमार सिन्हा ने कहा- हर माता-पिता को अपने बेटे की शादी बिना दहेज का करें एवं बेटी की शादी में भी दहेज बिल्कुल न दें । समारोह के मुख्य अतिथि देवघर नगर निगम के उप-महापौर नीतू देवी ने कहा- यह परम्परा या वृत्ति किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है । उन्होंने वादा किया कि वे अपने बेटे की शादी में एक भी पैसा न नकद और न ही आभूषण या दौलत लेंगी । विशिष्ट अतिथि स्वनामधन्य दन्त चिकित्सक डॉ. नीतू ने कहा- इस प्रथा को दूर करने के लिए महिलाओं को शिक्षित होना अत्यावश्यक है ।

वहीं रूपम दूबे ने कहा-  महिलाओं को स्वावलम्बी होना बहुत जरूरी है । मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह ने कहा- दहेज लेने वाले परिवार को अन्याय की राह से न्याय की राह पर लाने हेतु महिलाओं को आगे बढ़ना होगा । ई. अंजू बैंकर ने कहा- समाज में महिलाओं को इस प्रथा को जड़ से मिटानी के लिए क्रांति लानी होगी । यूनिक कैरियर पब्लिक स्कूल, पोड़ैयाहाट, गोड्डा की प्राचार्या अर्पणा गुप्ता ने अपनी कविताओं के माध्यम अपना वक्तव्य रखा । सरस कुंज की संचालिका मधु कुमारी ने कहा- सब मिलकर ठान ले तो इस प्रथा को मिटाना असंभव नहीं है । भारती विद्यापीठ की निदेशिका सुनीता सिंह ने कहा- बस हर एक परिवार इसे मिटाने के लिए दृढ़संकल्प हो जाये तो वह दिन दूर नहीं जब इस प्रथा की चर्चा कभी नहीं होगी । देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की शिक्षिका शालिनी नागर ने कहा – सुशिक्षित समाज ही इस प्रथा को मिटा सकता है ।

ई. यमुना प्रसाद लच्छीरामका ने कहा- जब हम अंग्रेज को भगा सकते हैं तो इस प्रथा को मिटाना भी संभव है । मौके पर नीड्स की मधु कुमारी, भाजपा की विजया सिंह, नीलकंठपुरी की पूनम प्रकाश सिंह, चित्रकार श्वेता सिंह, झुथिका मजुमदार, मातृ मंदिर स्कूल की शिक्षिका पूनम मिश्रा, नीतू केशरी, ग्राण्ड होटल के निदेशक रवि केशरी, शिक्षिका चंदा जजवाड़े, वी. जी. पी. टी. गुरुकुल की संचालिका डॉ. एकता रानी, कल्पना झा, संत माइकल की शिक्षिका अर्चना शर्मा, नेहा कुमारी, महिला जीम क्लब की संचालिका श्वेता सिंह, सौंदर्य शास्त्री प्रीति कुमारी व संत माइकल की छात्राएँ ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया ।

रिपोर्ट – राम किशोर पंडित

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