श्री गिरीश साहनी ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेशक का कार्यभार संभाला

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2 मार्च, 1956 को जन्‍मे डॉ. साहनी ने भारतीय विज्ञान संस्‍थान (आईआईएससी), बंगलुरू से पीएचडी की है। पीएचडी करने के बाद उन्‍होंने केलिफोर्निया, सांता बारबरा, सीए, अमरीका के विश्‍वविद्यालय में 1984-86 तक डॉक्‍टरेट के बाद प्रशिक्षु, राकेफेलर विश्‍वविद्यालय न्‍यूयॉर्क, अमरीका में 1986-1988 तक वरिष्‍ठ अनुसंधान सहभागी और अनुबंध प्राध्‍यापक तथा 1987-1991 तक अल्‍बर्ट आइंस्‍टाइन कॉलेज ऑफ मेडिसन, न्‍यूयॉर्क में वरिष्‍ठ अनुसंधान सहभागी के रूप में काम किया। उन्‍होंने 1991 में सीएसआईआर-इमटेक में कार्य करना शुरू किया और 2005 में इसके निदेशक बने।

अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर डॉ. साहनी अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान की वजह से जाने जाते हैं। उच्‍च श्रेणी के वैज्ञानिक पत्रों में उनके द्वारा लिखित कई पेपर्स छपे हैं और उनके पास कई अंतर्राष्‍ट्रीय और राष्‍ट्रीय पेटेंट हैं। वे भारतीय राष्‍ट्रीय विज्ञान अकादमी, नई दिल्‍ली; भारतीय विज्ञान अकादमी, बंगलुरू ; एनएएसआई, इलाहाबाद; भारतीय जीवाणुतत्‍ववेत्‍त संगठन से जुड़े हुए हैं और वे गुहा अनुसंधान सम्‍मेलन के सदस्‍य हैं।

डॉ. साहनी के योगदान के लिए उन्‍हें प्रदान किए गए पुरस्‍कारों में से सबसे महत्‍वपूर्ण : राष्‍ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी उत्‍पाद पुरस्‍कार 2002, सीएसआईआर टैक्‍नोलॉजी शिल्‍ड 2001-2002, वासविक औद्योगिक पुरस्‍कार 2000, औषधि विज्ञान में रेनबैक्‍सी पुरस्‍कार 2003, विज्ञान रत्‍न सम्‍मान 2014, श्री ओमप्रकाश भसीन पुरस्‍कार 2013 और व्‍यवसाय विकास एवं टैक्‍नोलॉजी मार्किटिंग के लिए सीएसआईआर टैक्‍नोलॉजी पुरस्कार, 2014 हैं।

 

Source – PIB

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