डॉ. जितेंद्र सिंह ने सड़क राजमार्गों के निकट ब्लड बैंक सुविधा का सुझाव दिया

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The Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Department of Atomic Energy, Department of Space, Dr. Jitendra Singh releasing  the souvenir at the 40th Annual National Conference of "Indian Society of Blood Transfusion and Immunohematology", in New Delhi on September 25, 2015.

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के सभी प्रमुख सड़क राजमार्गों के निकट तुरंत उपलब्ध ब्लड बैंक सुविधा की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने अपने लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से राजमार्ग से सटे कस्बों से इसकी शुरुआत करते हुए आइएसबीटी और संबंधित एजेंसियों के साथ सहयोग का प्रस्ताव किया है। डॉ. सिंह ने आज यहां इंडियन सोसायटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्युजन एंड इम्युनोलोजी (आइएसबीटी) के 40वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर उन्होंने कहा कि इससे उन आवश्यक जगहों पर समय से सहायता पहुंचाई जा सकेगी जहां सरकारी प्रयास अभी अपर्याप्त हैं। अगले चरण में, ऐसे की सुविधा केंद्र ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों के अंदरूनी इलाकों में शुरू किए जा सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शीघ्र ही विशेषज्ञों का एक दल इस योजना के जल्द कार्यान्वयन पर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर में कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों का दौरा करेगा। इस क्षेत्र से अनुभव के आधार पर पूर्वोत्तर सहित देश के अन्य राज्यों के विभिन्न भागों में ब्लड बैंक सुविधा के उन्नयन का अभियान चलाया जाएगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि उभरते परिदृश्य में, रक्त चढ़ाने की आवश्यकता के संकेतों से बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहा कि करीब तीन दशक पहले रक्त चढ़ाने की अधिकतर जरूरत एनीमिया या प्रोटीन की कमी से जूझ रहे लोगों को ही होती थी। आज के दौर में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार और मधुमेह के कारण किडनी नाकाम होने से पीड़ित रोगियों को रक्त चढ़ाने की अधिक जरूरत होती है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आइएसबीटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसकी भूमिका रक्त चढ़ाने के प्रबंधन और कार्यान्वयन तक ही सीमित नहीं है बल्कि रक्तदान को प्रोत्साहन देने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना भी है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस संगठन के प्रतिनिधियों को रक्त चढ़ाने और संबंधित मामलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ भी सहयोग करना चाहिए।

Source – PIB

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