भारतीय वैज्ञानिकों ने इजरायल के साथ मिलकर बनायी एक और बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

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DRDO
दिल्ली- डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने मिसाइल रक्षा प्रणाली के क्षेत्र में एक और कदम आगे बढाते हुए भारत के सबसे ख़ास मित्र देश इजरायल के साथ मिलकर संयुक्त रूप से डेवलप की हुई मिसाइल एमआरएमएम का सफल परीक्षण कर डाला है | माध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली इस मिसाइल को ओड़िसा चांदीपुर परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड-3 से 30 जून को सुबह 8:16 मिनट पर दागा गया है |

सर्फेस टू एयर डिफेन्स मिसाइल है –
बता दें कि भारत और इजरायल के संयुक्त प्रयासों से डेवलप इस मिसाल को अभी तक कोई नाम नहीं दिया गया है लेकिन चूँकि यह मिसाइल सर्फेस टू एयर डिफेन्स सिस्टम बेस्ड है इसीलिए इस मिसाइल को फिलहाल एमआरएमएम यानी मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर डिफेन्स मिसाइल कहा गया है | इस मिसाइल को डेवलप करने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इजरायल की एडमिनिस्ट्रेशन फॉर द डेवलपमेंट ऑफ वेपन्स एंड टेक्नोलॉजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर ने मिलकर संयुक्त रूप से काम किया है |

बराक-8 का ही एक संस्करण है यह मिसाइल-
प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि यह मिसाइल भारत और इजरायल के द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गयी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने में सक्षम बराक-8 श्रेणी की मिसाइल का एक संस्करण है अभी इसको अपना नाम मिलना बाकी है | यह एक परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल है और इसका वजन करीब 2.7 टन और इसकी लम्बाई 4.5 मीटर है | यह मिसाइल अपने साथ 60 किलो का पेलोड ले जाने में सक्षम है | इसी खूबी की वजह से इस मिसाइल को वायु सेना के फाइटर जेट्स, लड़ाकू हेलीकाप्टर सहित वायु मार्ग से आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए विकसित किया गया है |

राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने डीआरडीओ के वैग्यानिकों को बधाई दी –
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने डीआरडीओ को मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी है | रक्षा अनुसंधान और विकास सचिव और डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ.एस.क्रिस्टोफर को भेजे बधाई संदेश में श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि मैं इज़राइल के साथ संयुक्त रूप से विकसित मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण पर इससे जुड़े सभी लोगों को अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूँ |

संपूर्ण राष्ट्र को डीआरडीओ की इस उपलब्धि पर गर्व है और प्रौद्योगिकी रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वदेशी रक्षा क्षमताओँ में वृद्धि के लिए डीआरडीओ द्वारा और अधिक प्रयास करने की आशा व्यक्त करता है | कृपया मेरी शुभकामनाएं और बधाई इस मिशन में कार्यरत अपने दल के सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मियों तक पहुंचाए। राष्ट्र उनके कठिन परिश्रम पर धन्यवाद व्यक्त करता है और उनकी इस उपलब्धि पर गर्वित है |

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