सपना देखें, परिश्रम कर करें साकार : शशांक


बलिया (ब्यूरो) आईएएस में चयनित होने के बाद सोमवार को अपने पैतृक गांव पहुचे शशांक शेखर सिंह का द्वाबा मे प्रवेश करते ही युवाओं ने जगह जगह उत्साहित होकर स्वागत किया। कोटवा मोड व सुरेमनपुर में भव्य स्वागत किया गया। उत्साहित युवा बैंड बाजा के साथ पहुंचे इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग भी पहुंच कर इस होनहार सपूत को माला पहनाकर, शुभकामनाएं व आशीर्वाद देकर स्वागत किया। शशांक को खुली गाड़ी में सुरेमनपुर से रानीगंज बाजार लाया गया। कोटवां मोड़ पर पीजी कालेज सुदिष्टपुरी के छात्र नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

उत्साही युवाओं ने यहा बाकायदा मंच सजा कर शशाक को तथा उनके माता-पिता, बहनों व परिवार के सदस्यों का अभिनन्दन किया और उनसे चंद बाते बताने का अनुरोध किया। इस मौके पर शशांक शेखर ने कहा कि जीवन में हरेक को एक सपना देखना चाहिए तथा उस सपने को साकार करने के लिये पूरी निष्ठा से परिश्रम करना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से जो स्नेह व आशीर्वाद मुझे मिला उसके लिये मैं सभी का आभारी हूँ। शशांक रानीगंज बाजार स्थित श्री योगी बाबा, स्वामी जी महाराज बाबा कि समाधि पर भी गये | जहा उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ पूजन अर्चन किया।

बलिया में भी छात्र संगठनों ने उत्साह से किया स्वागत-
राजनीति की सीढ़ियों से आईएएस जैसे उच्च पद पर जाने वाले जनपद के लाल शशांक शेखर के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत किया गया । शहर के भृगु मन्दिर पर छात्रनेता रानाकुनाल सिंह, जैनेन्द्र पांडेय मिंटू, रूपेश चौबे, सत्यम तिवारी के साथ अन्य छात्र संगठनों के एक समूह ने शशांक को फूल मालाओं से स्वागत किया व बधाई दी । गोंहिया छपरा के मूल निवासी शशांक के पिता दिनेश सिंह सेतु निगम में अभियंता है और माता सन्ध्या सिंह गृहिणी है । हर कोई शशांक को बधाई देने को आतुर दिखा ।

बलिया से लेकर बैरिया व गोंहिया छपरा तक युवाओं व छात्र संगठनों ने शशांक का स्वागत पूरे उत्साह से किया। इसके बाद शशांक ने भृगु मन्दिर में मत्था टेका । इस मौके पर छात्रनेता राना कुणाल सिंह, सत्यम तिवारी, रोहित चौबे, रूपेश चौबे, मिथिलेश सिंह, नीरज दुबे, प्रवीण चौबे आदि मौजूद रहे । सफल राजनीति व उच्च शिक्षा का अनोखा संगम शशांक जिले व यूपी से लेकर देश भर के युवाओं के प्रेरणास्रोत होंगे । अक्सर राजनीति में आने के बाद पढ़ाई से लोग दूरी बना लेते है। ऐसे लोगो के लिए यह बेहतर सीख साबित होंगे ।उधर कोचिंग संस्थान के छात्र भी शशांक की एक झलक देखने आए हुए थे। शशांक को उदाहरण के रूप में देख यह माना जा सकता है कि किसी भी क्षेत्र में हम ईमानदारी व कड़ी मेहनत के साथ लगे रहें तो सफलता अवश्य मिलेगी ।

गौरतलब है कि द्वाबा क्षेत्र के गोन्हियाछपरा गाँव निवासी शशांक शेखर सिंह पुत्र श्री दिनेश सिंह वर्ष 2016 की आईएएस परीक्षा में शामिल होकर 306 वां रैंक प्राप्त किया है | शशांक की प्राथमिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक पाठशाला गोन्हियाछपरा में हुई थी | उसके बाद मिडिल दिल्ली से और हाई स्कूल व इंटर मीडिएट बाम्बे के मानव भारती इंडिया इंटर नेशनल स्कूल से वर्ष 2006 हाई स्कुल में 90.02 प्रतिशत व वर्ष 2008 में इंटर में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किये | वर्ष 2012 में दिल्ली कालेज आफ इंजीनियरिंग दिल्ली से सिविल ट्रेड से बीटेक की परीक्षा 80 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण की |

वर्ष 2014 में दिल्ली प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय दिल्ली से एमटेक की परीक्षा 76 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की | भूमिगत जल आर्सेनिक निवारण विषय पर पीएचडी करते हुए भी दिल में आईपीएस होने के ख्वाब लेकर वर्ष 2016 के परीक्षा में शामिल हुए और सफलता हासिल की शशांक की माँ गृहणी है और अपने कुल तीन भाई बहनों में शशांक सबसे बडे है | उनकी बहन श्वेता सिंह जॉब करती है तथा छोटी बहन रानू सिंह दिल्ली से बीटेक कर रही है, पिता वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इंजीनियर के पद पर कार्यरत है | इनके बाबा व चाचा शिक्षक है, आईएएस में सफल होने के बाद क्षेत्र में पहुचे शशांक को देखने के लिये भारी भीड़ पहुची थी | इस मौके पर पूर्व प्रधान विनोद सिंह, राजेश्वर सिंह, सुनील सिंह, पराहु सिंह, सुरेन्द्र सिंह, अखिलेश्वर सिंह, कुलदीप सिंह रिंकू, सन्तोष सिंह, सुनील सिंह पपू, कन्हैया सिंह, बिनोद सिंह, परवीन सिंह, अमर नाथ फौजदार, अभिषेक सिंह आदि काफी संख्या में युवा व क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सबने शशाक व उनके परिवार को शुभकामनाएं दी और इस उपलब्धी के क्षेत्र के युवाओं के लिये प्रेरणादायक बताया |⁠⁠

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