सरकार बदल गयी लेकिन स्कूलों में बच्चों की दुर्दशा में नहीं हुआ कोई सुधार, जमकर करवाई जा रही है नक़ल

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कन्नौज (ब्यूरो)- यूपी के कन्नौज में इलाहाबाद बोर्ड परीक्षाओं में तो नकल करने और कराने के कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब परिषदीय स्कूलों में भी शिक्षकों द्वारा पढ़ाई के बजाय नौनिहालों को नकल करा कर आगे की कक्षाओं में भेजने की जुगत लगाई जा रही है, जिससे भविष्य में नकल विहीन परीक्षाएं समाप्त करने की सरकारी योजनाओं पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

दरअसल आपको बता दें कि, मामला जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर गुगरापुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल सद्दूपुर का है। 23 मार्च को जिले में परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं समाप्त हो गईं। अंतिम दिन सुबह की पाली में संस्कृत का पेपर था। परीक्षा के दौरान यहां का जो नजारा देखने को मिला था वह हैरान करने वाला था। विद्यालय में तैनात शिक्षकों द्वारा बोर्ड पर लिखकर बच्चों को पेपर हल कराया जा रहा था । इंचार्ज प्रधानाध्यापक गांव में घूम रहे थे खाली पड़े कमरे में बच्चे कहीं खडे़ थे तो कहीं बैठे थे तो कुछ मेज़ के आसपास उत्तर पुस्तिका लिए स्वयं टीचर बने खड़े थे।

वहीं इसी विद्यालय के दूसरे कमरे में बच्चों के प्रश्न पत्र पर उत्तर लिखे हुए थे परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाएं शिक्षकों के लिए मजाक बनी हुई है शायद यही कारण था कि शिक्षकों द्वारा शिक्षा के देने के बजाय नकल कराने पर विशेष तवज्जो दी जा रही थी या इसे यूं समझा जाए की परीक्षा शिक्षकों के लिए मात्र एक मजाक है टीम के पहुंचने पर शिक्षक ब्लैक बोर्ड में लिखे उत्तर मिटाने लगे। बच्चे से भी कहा कि सतर्क होकर बैठ जाओ। यह हाल कन्नौज जिले के कई परिशदीय स्कूलों का है।

यहां चल रहीं वार्षिक परिक्षाओं का हाल देखने काबिल है। मंगलवार को सुबह और दोपहर की पाली में अंग्रेजी और विज्ञान विशय की परीक्षाएं थीं। जब इस विसय में मीडिया ने उक्त प्रधानःयापक से बात की तो उन्होंने कहा कि नक़ल तो करानी ही पड़ेगी थोड़ी बहुत ।वही BSA ने भी यह कह कर मामले से पलड़ा छाड लिया की समय का अभाव है फिर फ़ोन ही उठाना बंद कर दिया |

रिपोर्ट- सुरजीत सिंह

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