विवादों में घिरे जिला पूर्ति अधिकारी पर गिरी कार्रवाई की गाज

0
52

जालौन(ब्यूरो)- बीते लंबे समय से अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियां बटोर रहे जिला पूर्ति अधिकारी पर आखिरकार कार्रवाई की गाज गिर ही गई। खाद्य तथा रसद विभाग के आयुक्त द्वारा उन्हें जिला पूर्ति अधिकारी के पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है। काफी दिनों से जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ विरोध के स्वर उठ रहे थे। दोषी कोटेदारों के कोटा फिर से बहाल करने, कोटेदारों को शोषण व उन्हें फर्जी कार्रवाई में फंसाने समेत कई गंभीर आरोप उन पर लग चुके थे। इसके अलावा खुद उनके विभाग के ही कर्मचारी उनसे असंतुष्ट थे। लगातार आ रही शिकायतों के मद्देनजर आयुक्त द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया गया और उन्होंने कार्रवाई करते हुए इस संबंध में जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों तक को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है।

गौरतलब है कि जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार अपनी कार्यशैली को लेकर लगातार विवादों में बने हुए थे। जांच में दोषी पाए गए कैलिया के कोटेदार को कोटा फिर से बहाल करने को लेकर उन पर कई तरह के गंभीर आरोप लगे। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्यालय तक प्रदर्शन किया था और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि जिला पूर्ति अधिकारी ने 50 हजार रुपए लेकर दोषी कोटेदार का कोटा फिर से बहाल कर दिया। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने उनकी विवादित कार्यशैली को लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी थी और भविष्य में अपनी कार्यशैली सुधारने की हिदायत दी थी। इसके बाद भी उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। नतीजतन उनका विरोध दिनों-दिन बढता ही गया। उनकी कार्यशैली को लेकर जिले के कोटेदार भी काफी त्रस्त थे। लगातार हो रहे शोषण को लेकर कोटेदारों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

हाल ही में उचित दर विक्रेता संघ के बैनर तले दर्जनों कोटेदारों ने सिटी मजिस्टेट को ज्ञापन सौंपा था और उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी की विवादित कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई थी। जिला पूर्ति अधिकारी की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते इस बार कोटेदारों ने राशन सामग्री की उठान भी नहीं की थी।

कोटेदारों का आरोप है कि जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार धन उगाही के लिए उन पर बेवजह दबाव बनाते हैं और उगाही में सफल न होने पर फर्जी कार्रवाई में फंसाने की धमकी देते हैं। इसके अलावा राशन कार्ड धारक भी लगातार परेशान हो रहे थे। इसके अलावा स्वयं उनके कार्यालय के ही कर्मचारी भी उनकी कार्यशैली को लेकर असंतुष्ट थे और दबी जुबान से अपना विरोध जता रहे थे। कुल मिलाकर आए दिन जिलाधिकारी समेत कई उच्च अधिकारियों के पास जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायतें पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य तथा रसद विभाग के आयुक्त अजय चौहान द्वारा उन पर कार्रवाई की गाज गिरा दी गई है। उन्होंने जिलाधिकारी जालौन, समेत अन्य अधिकारियों को भेजे अपने पत्र में कहा है कि अग्रिम आदेश तक जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार को प्रतीक्षारत किया जाता है। हालांकि अभी यहां पर नए जिला पूर्ति अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY