अनहोनी के भय के चलते वीरान पड़ा शिवालय

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फतेहपुर चौरासी/उन्नाव(ब्यूरो)- फ़तेहपुर चौरासी कस्बे के पूर्व दिशा मे एक विशाल शिवालय है। जिसके बारे में बुजुर्ग बताते हैं कि इस शिवालय को कब और किसने बनवाया है। यह सही बात किसी को पता नहीं है। यह शिवालय पूर्व सांसद लीलाधर अस्थाना के खेत मे बना हुआ है। कुछ बुजुर्गों का मानना है कि यह विशाल शिवालय 1821 में तत्कालीन राजा ने बनवाया था इसलिये की उसका इकलौता बेटा बच जाये चूँकि राजा का बेटा मृत्यु तुल्य बीमारी से ग्रसित हो गया था तभी राजा को एक संत मिल गये। जिनको गिरिधर जी महाराज के नाम से जाना जाता था उन्होने राजा को बताया तुम्हारा बेटा तभी बच सकता है। जब आप एक शिवालय का निर्माण करवाओ तो राजा ने एक विशाल शिवालय दो मंजिल का बनवाया जिसके ऊपर सोने के कलस का छत्र बनवाकर, शिवलिंग की स्थापना भी करवाई जिससे राजा का एकलौता पुत्र ठीक हो गया। तबसे इस शिवालय में नगर वासी पूजा आराधना करनें लगे और लोगों की मनोकामना भी पूरी होने लगी इससे दिनों दिन पूजा पाठ बढ़ता ही गया।

बुजुर्ग नगर वासी बताते है 1945-46 में अंग्रेजों ने इस शिवालय में जो सोने का छत्र लगा उसे तुड़वा लिया शिवलिंग भी उखाड़ने का प्रयास किया तो उसे उखाड़ नही पाये बल्कि ततयो और मधुमक्खियों ने उन्हें परेशान कर दिया जिससे वो भाग गए। तबसे इस शिवालय का नाम मुण्डा शिवालय पड़ गया 1960 में इस मंदिर परिसर में नगर के कुछ लोग जुआ खेला करते थे। एक दिन एक जुआडी जुएं मे अपना सब कुछ हार गया तो गुस्से में आकार उसने कुल्हाड़ी से शिवलिंग तोड़ दिया जिसके फलस्वरूप उस जुआड़ी की कुल्हाड़ी उसके दाहिने पैर की ऐड़ी पर गिरने से बड़ा जख्म हो गया जिससे एक सप्ताह में उसकी मौत भी हो गयी तबसे उस शिवालय के आस पास लोग जाने से डरते हैं । कही कुछ बुरा न हो जाय इस लिए वीरान पड़ा है। शिवालय कोई भी नगर वासी इसकी देख रेख नहीं कर रहा डर की वजह से।

रिपोर्ट- रघुनाथ प्रसाद शास्त्री

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