पुलिस कर्मियों की कमी के चलते चरमरा रही कानून व्यवस्था

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अजीतमल/औरैया- अपराधियों में खौफ का दावा करने वाली कोतवाली पुलिस समाजकंटकों के पीछे दौड़ तो लगा रही है, लेकिन प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रही है। कारण, कोतवाली के अधीन आने वाली चौकियों में क्या, खुद थाने में ही पूरे पुलिसकर्मी नहीं हैं। कोतवाली के पुलिसकर्मियों की गैर जनपद में ड्यूटी लगने और कुछ का तबादला होने से कोतवाली में पुलिस बल में भारी कमी आ गई है।

कोतवाली अजीतमल प्रभारी बलिराज शाही ने बताया कि गैर जनपद ड्यूटी और तबादले के चलते पुलिस बल की कमी हो गई है जिससे सरकारी कार्य बाधित हो रहे हैं। बताया कि कोतवाली से एक एसआई प्रशिक्षण में तथा एक एसआई के अलावा एक हेड कांस्टेबल, तीन कांस्टेबल माघ मेला इलाहाबाद तथा चार कांस्टेबल गढ़ मुक्तेश्वर, अयोध्या में करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारी गए है। कई का गैर जनपद तबादला हो गया है। इसके चलते कई चौकियां खाली पड़ी हैं। बताया कि क्षेत्र में कई जगह मेलों का आयोजन भी हो रहा है, जहां पर फोर्स की जरूरत पड़ रही है। कोतवाली में कांस्टेबल के 86 पद स्वीकृत हैं जबकि मौजूद केवल 27 कांस्टेबल हैं। 59 पद रिक्त हैं। कोतवाली प्रभारी ने एसपी को पत्र लिखकर अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

जांच का बोझ
कोतवाली थाने में कमी के चलते जांच का बोझ बढ़ रहा है। कांस्टेबलों को सामान्य मामले ही जांच के लिए दिए जाते हैं। अधिकांश मामले जांच के लिए उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक को सुपुर्द किए जाते हैं।

रिपोर्ट – शुभम पोरवाल

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