कूड़ा प्रबन्धन के अभाव में गांवों में लगा गंदगी का अम्बार

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रतसर/बलिया : सफाईकर्मियों की तैनाती के बाद गांवों की स्थिति दिन ब दिन और बदतर हो गई है। जब इनका अस्तित्व नही था तो सभी अपने आसपास की सफाई करते थे लेकिन इनके आने के बाद स्थिति बदल सी गई है। खुद कोई झाड़ू उठाता नही और सफाईकर्मी कहीं दिखते नही।लोग शिकायत भी करें तो किससे। समान रूप से सभी जगह कूड़े के ढेर से संक्रामक बीमारियों ने अपना पांव जमा लिया है। लोग कूड़े की ढेर को देखते है सफाईकर्मी सहित गांव के मुखिया को कोसते है और चल देते है। दूसरी तरफ

गांवों से निकलने वाले कूड़े एवं कचरे का सही प्रबन्धन न होने से तरह-तरह की बीमारियों को फैलने का डर बना रहता है। शहरों में कुड़ा प्रबन्धन के लिए जगह-जगह डस्टबीन की व्यवस्था के कारण साफ सफाई बनी रहती है लेकिन गांवों में लोग अपने घरों का कुड़ा कचरा निकालकर इधर उधर कहीं भी डाल देते है। पहले गांवों में भी लोग कुड़ा प्रबन्धन के लिए एक नियत जगह पर पशुओं के गोबर, मुत्र एवं घरों से निकले अपशिष्ट पदार्थ को गड्ढा खोदकर रखते थे। और उसका प्रयोग खेतों की बुवाई के समय खाद के रूप में प्रयोग कर अच्छी पैदावार प्राप्त करतेई थे। जिससे गांव भी स्वच्छ बना रहता था, समय के साथ-साथ साफ सफाई के लिए गांवों में सरकार ने सफाई कर्मी की नियुक्ति कर दी और उन्ही सफाई कर्मी पर लोग पूरी तरह आश्रित हो गए। जिसके कारण आज गांवों में गन्दगी का अम्बार जगह-जगह देखने को मिल रहा है। गांवों में सबसे बड़ी विकराल समस्या यह है कि कूड़ा निस्तारण के लिए कोई नियत स्थान न होने के कारण सफाई कर्मी भी कूड़े को तालाबों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डालने के लिए मजबूर है।

प्रधानमन्त्री की स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार प्रसार से लोगों के अन्दर जागरूकता तो आयी है लेकिन गांवों में कुड़ा प्रबन्धन की कोई नियत स्थान न होने के कारण इधर उधर फेकने से बीमारियों को फैलने का हमेशा डर बना रहता है। फिर भी प्रशासन की नजर इस विकराल समस्या की तरफ नही पहुंच रहा है। अगर कुड़ा निस्तारण के लिए प्रत्येक गांव में एक नियत जगह स्थापित कर दिया जाए एवं जगह-जगह डस्टबीन की व्यवस्था हो जाए तो लोगों को कुछ राहत मिलने के साथ ही बीमारियों से निजात मिल सकता है।

इस बावत डा. धनेश पाण्डेय, एस प्रसाद ने बताया कि गांवों में कुड़ा प्रबन्धन की उचित व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह फैली गन्दगी से संक्रामक रोग फैलने का हमेशा डर बना रहता है। जलभराव, गंदगी आदि से मलेरिया, वायरल एवं अन्य कई तरह की बीमारियां फैलती है। अधिकांश घरों’ में कोई न कोई सदस्य बीमार पड़ा हुआ है। संक्रामक बीमारियों से जुझते लोगों को साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

रिपोर्ट – धनेश पाण्डेय

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