मुलायम ने कहा, “मेरे अध्यक्ष पद से हटने और कांग्रेस की दोस्ती से हुआ नुकसान”

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लखनऊ: मुलायम अब भी परिवार में विवाद से इन्कार करते हैं लेकिन यह स्वीकारते हैं कि पार्टी में हुई उठापटक (अध्यक्ष पद से हटाने) और कांग्रेस से चुनावी गठबंधन से गलत संदेश गया। पीएम नरेन्द्र मोदी ने चुनावी सभा में जिक्र करके इसे तूल दे दिया। मैंने कांग्रेस से गठबंधन का विरोध किया था। यह भी कहा था कि गठबंधन के पक्ष में प्रचार नहीं करूंगा। कांग्रेस से हमने लड़ाई लड़ी, उसे खत्म किया।

उन्होंने कहा कि अखिलेश को समझाया गया कि कांग्रेस से गठबंधन करके मुस्लिम वोट मिल जाएंगे जबकि मुसलमान मानते हैं कि बाबरी मस्जिद गिरवाने में कांग्रेस का हाथ था। तमाम उठापटक के बावजूद मुलायम सिंह अब भी परिवार में विवाद से इन्कार करते हैं। उनके निशाने पर रामगोपाल यादव जरूर हैं। कहते हैं, सब उन्हीं का किया धरा है। शिवपाल के साथ अन्याय हुआ। शिवपाल ने बहुत संघर्ष किया है, वह दिल का साफ है, लड़ाकू है।

मंडलवार कार्यक्रम तय करने के बाद ही अगला कदम मुलायम सिंह कहते हैं, हमने मेहनत से पार्टी खड़ी की है। इसलिए चुप नहीं बैठेंगे हमने 1992 में नया दल बनाया तो कहा जाने लगा कि तीन जिलों की पार्टी है। हमने पार्टी की स्थापना के 11 महीने बाद ही सरकार बना ली। कहा, अगला कदम क्या होगा, अभी इस पर विचार कर रहे हैं। 18 मंडल हैं। मंडलवार कार्यक्रम तय करके मैं खुद निकलूंगा। कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण बंद किया सपा के संस्थापक अध्यक्ष ने कहा, पहले प्रशिक्षण शिविर चलाए जाते थे। उन पर विषयवार वक्ता बोलते थे। वे पूरी तैयारी करके आते थे। 18 माह की सरकार में हमने चित्रकूट, देवरिया, मेरठ और इलाहाबाद में पांच-पांच दिन के शिविर लगवाए। हमने बार-बार कहा लेकिन कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण की तरफ दृष्टि ही नहीं गई। पांच साल में कोई ट्रेनिंग कैंप नहीं लगा|

बड़ी जिम्मेदारी होने पर घमंड नहीं करना चाहिए-
मुलायम बोले, झूठी तारीफ और चापलूसी का प्रभाव पड़ा। जिसके पास बड़ी जिम्मेदारी हो, उसे घमंड नहीं होना चाहिए। जनता, नेता व दल को कसौटी पर कसती है। देखती है कि गांव, गरीब, किसान, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारी वर्ग को क्या सुविधाएं दी ? महिलाओं को सरकार ने सुविधाएं दी लेकिन उनकी मदद का तरीका गलत था, उन्हें और सुविधाएं दी जानी चाहिए थी। जब हमारी सरकार थी तब सम्मेलन करके लाभार्थियों को आर्थिक मदद देते थे। अखिलेश सरकार में डाक से चेक भिजवा दिए गए, इसका प्रभाव नहीं पड़ा। केवल अच्छा काम करने से काम नहीं चलता, जनता को उनके बारे में पता लगना चाहिए। सड़क बनाकर खुश हो गए पर प्रचार नहीं कर पाए|

अखिलेश मुलायम ने कहा, ‘अखिलेश ने लखनऊ से आगरा तक बढ़िया एक्सप्रेस-वे बनवाया। अब 6 घंटे में दिल्ली जा सकते हैं। लेकिन, इसका ठीक से प्रचार नहीं किया गया। इस सड़क पर कार्यकर्ताओं के जत्थे साइकिल लेकर दिल्ली तक जाते, जगह-जगह कार्यक्रम करते तो मीडिया में प्रचार मिलता। 305 किमी की सड़क बनवाकर खुश हो गए लेकिन प्रचार नहीं कर पाए।’

उन्होंने कहा, 2012 में हमने 224 सीटें जीती, अब केवल 47 पर सिमट गए। इतनी सीट भी इसलिए मिल गईं कि हम दो-तीन जगह सभा करने चले गए। अच्छे काम करने के बावजूद इतनी बुरी हार हुई? अखिलेश के इर्द-गिर्द जो लड़के थे, उनमें कुछ ने ईमानदारी से काम किया लेकिन बाकी बेईमान हो गए, चापलूसी में लगे रहे। उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां और मकान हो गए, उन्होंने फिजूलखर्ची और अय्याशी की। इन सभी को पद दे दिए, फिर मेहनत कौन करता? पहले परिपक्व होने के बाद ही पद दिए जाते थे|

रिपोर्ट- मिंटू शर्मा

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