घाटो पर पानी की घोर असुविधा के कारण लोग बूँद-बूँद को तरसे

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विन्ध्याचल/मिर्ज़ापुर(ब्यूरो)- अखाड़ा घाट,गुदारा घाट,परशुराम घाट,भैरो घाट,बाबू घाट,पक्का घाट,कच्चा घाट,बलुआ घीट,दीवान घाट आदि घाटो पर पानी की घोर असुविधा के कारण लोग बूँद-बूँद को तरसते नजर आये, वही बच्चों को प्यास से रोते- विलखते देखा गया, आप देख सकते है कि किस तरह नगर पालिका निर्दयी व दयाहीन बना पड़ा है, पाइप तो नवरात्रि तक ले जाता है और फिर से नवरात्रि बीतते ही सारी सुविधा छिन लेती है|

यह कह कर के कि मेरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ नवरात्रि तक है, आज यह आलम है कि बच्चे, बुढ़े, महिलाएँ, गंगा घाट पर आकर पानी-पानी को तरस कर रह जाते है, यह वही हुआ कि समुद्र के पास रहते हुए भी पानी ना पी पाना, जी हाँ बताते चले कि गंगा का जल पीते है तो पथरी तथा कई भयानक बीमारियों से पीड़ीत हो रहे है|

ऐसे में दर्शनार्थियों के पास कोई विकल्प नहीं है कि वह अपना प्यास बुझा सके, इस तरफ कोई भी आला अधिकारी का ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है, गंगा घाट पर बच्चों,बुढ़ो और महिलाओं के लिए पानी पीने की सुविधा होनी चाहिए, नल का पाइप होते हुए भी दर्शनार्थियों को प्यास से तड़पना पड़ रहा है|

वही ठेले वाले भी शर्बत बेच कर पुण्य के भागी बन रहे है और कुछ अपने लिए आर्थिक बचाव भी कर रहे है, इस भय़ानक गर्मी में जहाँ लोग पुँण्य के लिए प्याऊँ लगवाते है तो कही, वाटर कूलर लगवा रहे है, ऐसे में गंगा घाट पर पानी की सुविधा मुहैया न कर पाने में असमर्थ विभागी लोग, ना जाने माँ के दरबार में किस प्रकार की ड्यूटी भजा रहे है,फिलहाल देखना यह है कि कब नगर पालिका और आलाधिकार्यों की नज़र इस पर पड़ती है भी, की नही|

रिपोर्ट-अंशु मिश्रा

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