मोदी ने पूरा किया वादा, जेल जा सकते है वाड्रा, सोनिया के दामाद वाड्रा पर ईडी ने कसा शिकंजा

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जयपुर- कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की जमीन से जुड़े मामलों में अब मोदी सरकार ने बहुत ही सख्त रुख अख्तियार कर लिया है | आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के कम्पनी के द्वारा किये गए जमीन घोटाले के संबंध में राजस्थान में एक साथ 7 जगहों पर छापा मारा है |

ईडी ने राजस्थान में एक साथ 7 जगहों पर मारे छापे-
प्रवर्तन निदेशालय ने एक साथ वाड्रा की कंपनी से जुडें फर्जी जमीन हस्तांतरण मामले में एक ही साथ 7 स्थानों पर छापे मारी की है यहाँ से ईडी ने बड़ी मात्रा में फर्जी कागज़ात जब्त किये है | इस पूरी छापे मारी में ईडी के चड़ीगढ़, दिल्ली, जयपुर आदि कार्यालयों के कुल 40 अफसरों ने भाग लिया है | यह मामला बताया जा रहा है कि राजस्थान के बीकानेर जिले के कोलायत तहसील से जुड़ा हुआ है यहाँ पर सोनिया गांधी के दामाद रावर्ट वाड्रा की कंपनी ने 275 बीघे जमीन फर्जी तरीके से हथिया ली थी | हालाँकि अभी पूरी जमीन पर राज्य सरकार ने पुनः कब्ज़ा कर लिया है |

समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था पर नहीं आये वाड्रा –
ईडी के अधिकारियों ने कहा है कि इस जमीन घोटाले के मामले में जांच में सहयोग और पूछताछ करने के लिए पहले हमनें कई बार सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को और इनके सहयोगियों को बुलाया था लेकिन इनमें से कोई भी पूछताछ के लिए कभी भी नहीं आया | जिसकी वजह से ईडी ने अपनी जांच को पूरा करने के लिए एक ही साथ राज्य के 7 स्थानों पर छापे मारी की है | जहां ईडी को बड़ी सख्या में दस्तावेज बरामद हुए है |

क्या था पूरा मामला (कैसे हुआ जमीन घोटाला)-
बता दें कि यह मामला है वर्ष 2006-2007 की जब सूबे में कांग्रेस की सरकार थी | केंद्र में भी उस समय कांग्रेस ही सत्ता में थी | ऐसे में मौके का फायदा उठाते हुए सोनिया गांधी के दामाद रावर्ट वाड्रा ने बीकानेर के कोलायत तहसील के पास के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम से जमीन का आवंटन कराने से है | बताया जा रहा है कि स्थानीय माफियाओं ने सरकारी कर्मचारियों की मदद से जिन लोगों के नाम से जमीन का आवंटन करवाया था जांच में पता चला है कि असल में वे थे ही नहीं |

जांच में यह बात भी सामने आई है कि उन लोगों के नाम सिर्फ और सिर्फ कागजों में ही दर्ज है असल में उनका कोई अस्तित्त्व है ही नहीं | घोटाले में शामिल सभी भू-माफियाओं, सरकारी कर्मचारियों आदि ने मिलकर जमीनों को अपने नाम करवा लिया जो कि बिलकुल फर्जी थे बाद में तुरंत ही इन लोगों ने उन जमीनों को बेचना शुरू कर दिया |

275 बीघे जमीन का घोटाला किया है रावर्ट वाड्रा ने –
बता दें कि जमीन को कई लोगों को बेचे जाने के बाद रावर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट्स ने वहां पर सीधे 275 बीघे जमीन खरीद डाली | इस पूरे घोटाले का खुलासा तत्कालीन बीकानेर के बीजेपी सांसद जो कि अभी भी सांसद है अर्जुन राम मेघवाल ने किया था | लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस मामले में कुछ भी नहीं किया था | तबसे लेकर अब तक यह मामला ऐसे ही पड़ा हुआ था | लेकिन ईडी ने अब इस मामले पर सख्त अख्तियार कर लिया है |

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